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उल्लास’ मिशन: गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 25 अगस्त तक हर घर तक पहुँचेगी साक्षरता की रोशनी

उल्लास’ मिशन: गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 25 अगस्त तक हर घर तक पहुँचेगी साक्षरता की रोशनी

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही:- जिले में शिक्षा और साक्षरता को लेकर कलेक्टर ने बड़ा कदम उठाया है। जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण की बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि ‘उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम’ को गति देने में अब किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी। असाक्षरों और स्वयंसेवी शिक्षकों का सर्वे एवं डेटा एंट्री कार्य एक तय समय सीमा में हर हाल में पूरा करना होगा।

 

🔹 शिक्षा और साक्षरता की ओर निर्णायक कदम

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत संचालित यह महत्वाकांक्षी कार्यक्रम 15 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षर नागरिकों को मुख्यधारा से जोड़ने का लक्ष्य रखता है। कार्यक्रम का उद्देश्य उन्हें बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (FLN) उपलब्ध कराना है ताकि वे सितंबर 2025 और मार्च 2026 में आयोजित होने वाली एफएलएनएटी (FLNAT) परीक्षा में सम्मिलित हो सकें।

🔹 अब तक की उपलब्धि

जिले में अब तक 27,610 असाक्षरों का डेटा पोर्टल पर दर्ज किया जा चुका है।इनमें से 14,390 लोग महापरीक्षा में शामिल होकर सफल भी हुए हैं और उनके प्रमाण पत्र पोर्टल पर अपलोड किए जा चुके हैं

अब 12,337 असाक्षरों का सर्वे और ऑनलाइन एंट्री कार्य शेष है

🔹 विकासखंडवार लक्ष्य निर्धारण

कलेक्टर ने कार्य को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए हर विकासखंड हेतु अलग लक्ष्य तय किया है –

गौरेला : 4,868 असाक्षर एवं 1,400 स्वयंसेवी शिक्षक।

पेण्ड्रा : 1,607 असाक्षर एवं 900 स्वयंसेवी शिक्षक

मरवाही : 5,862 असाक्षर एवं 1,700 स्वयंसेवी शिक्षक।

🔹 तय समय सीमा और जिम्मेदारी

कलेक्टर ने संकुल शैक्षिक समन्वयकों के माध्यम से ग्राम प्रभारी शिक्षकों की नियुक्ति कर 25 अगस्त 2025 तक मोबाइल ‘उल्लास ऐप’ के जरिए सर्वे कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, स्वयंसेवी शिक्षकों की जानकारी भी तत्काल भेजने के निर्देश जारी किए गए हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने कहा –

“यह अभियान केवल निरक्षरों को पढ़ना-लिखना सिखाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और जागरूक नागरिक बनाने की दिशा में अहम कदम है। जिले के सभी शिक्षक और स्वयंसेवी साथी इस मिशन में पूरी निष्ठा से जुटेंगे। हमें विश्वास है कि गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जल्द ही साक्षरता के क्षेत्र में राज्य स्तर पर नई मिसाल कायम करेगा।”

🔹 शिक्षा को नई दिशा देने का प्रयास

कलेक्टर का कहना है कि यह केवल एक प्रशासनिक कार्य नहीं बल्कि “जिले को साक्षरता के शिखर पर ले जाने की सामूहिक जिम्मेदारी” है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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