रायपुरदुनियाप्रदेशराजनीती

हरितालिका व्रत पूजन में गूँजी भक्ति की ध्वनि विहिप मातृशक्ति द्वारा सामूहिक पूजन एवं हनुमान चालीसा पाठ सम्पन्न

हरितालिका व्रत पूजन में गूँजी भक्ति की ध्वनि

विहिप मातृशक्ति द्वारा सामूहिक पूजन एवं हनुमान चालीसा पाठ सम्पन्न

गौरेला-पेंड्रा- मरवाही। भाद्रपद शुक्ल तृतीया के पावन अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद मातृशक्ति विभाग की बहनों ने बड़ी श्रद्धा एवं उत्साह के साथ हरितालिका तीज का सामूहिक पूजन सम्पन्न किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएँ और युवतियाँ पारंपरिक वेशभूषा में एकत्रित हुईं और माता गौरी एवं भगवान शंकर की विधिवत पूजा-अर्चना की।पूजन के दौरान मातृशक्ति की बहनों ने अखंड सौभाग्य, पति की दीर्घायु, परिवार की मंगलकामना, समाज की समृद्धि और राष्ट्र की उन्नति हेतु सामूहिक रूप से प्रार्थना की। भक्ति गीतों एवं मंत्रोच्चारण से पूरा वातावरण आध्यात्मिकता और भक्ति रस से सराबोर हो गया।

सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ से गूँजा वातावरण

पूजन के उपरांत सभी बहनों ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान वातावरण “जय बजरंगबली” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। उपस्थित लोगों ने अनुभव किया कि इस सामूहिक आयोजन ने आध्यात्मिक ऊर्जा और एकता का अद्भुत संदेश दिया।व्रत की महत्ता पर प्रकाश कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने हरितालिका व्रत की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि –

यह पर्व नारी शक्ति की आस्था, संयम और श्रद्धा का प्रतीक है।हरितालिका व्रत से वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि आती है और परिवार में प्रेम और सौहार्द बना रहता है।सामूहिक रूप से किया गया यह पूजन समाज में एकजुटता और सकारात्मक सोच का संचार करता है

संकल्प – परिवार और राष्ट्र की उन्नति हेतु सतत प्रयास

अंत में मातृशक्ति की बहनों ने व्रत कथा का श्रवण किया और संकल्प लिया कि वे सदैव परिवार, समाज और राष्ट्र की उन्नति हेतु निरंतर कार्य करती रहेंगी। बहनों ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से न केवल परंपराएँ जीवित रहती हैं बल्कि अगली पीढ़ी में भी संस्कारों का संचार होता है।

 पूरे आयोजन में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और भक्ति भावना ने इस पर्व को यादगार बना दिया।

 

Back to top button
error: Content is protected !!