LIVE UPDATE
झमाझम खबरेंदेशप्रदेशराजनीतीरायपुर

ग्रामीणों का सीधा आरोप – सूचना देने पर अधिकारी माफियाओं को पहले ही कर देते हैं सतर्क” नगदहरा में अरपा नदी से अवैध रेत उत्खनन का पर्दाफाश, प्रशासन पर उठे सवाल

“ग्रामीणों का सीधा आरोप – सूचना देने पर अधिकारी माफियाओं को पहले ही कर देते हैं सतर्क”

नगदहरा में अरपा नदी से अवैध रेत उत्खनन का पर्दाफाश, प्रशासन पर उठे सवाल

ये खबर भी पढ़ें…
भारी बारिश के बीच 26 सितंबर को स्कूलों में अवकाश, कलेक्टर विजय दया राम के.ने दिए सख्त निर्देश
भारी बारिश के बीच 26 सितंबर को स्कूलों में अवकाश, कलेक्टर विजय दया राम के.ने दिए सख्त निर्देश
September 26, 2026
भारी बारिश के बीच 26 सितंबर को स्कूलों में अवकाश, कलेक्टर विजय दया राम के.ने दिए सख्त निर्देश गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

बाईट – राजू यादव 

बेलगहना। नगोई के पास नगदहरा ग्राम में अरपा नदी से अवैध रेत उत्खनन का खुलासा होने के बाद प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। शनिवार शाम समाजसेवी सचिन साहू ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुँचे तो नदी के बीचोंबीच चैन माउंटेन मशीन से रेत निकाली जा रही थी। ग्रामीणों के पहुँचते ही वाहन चालक गाड़ियां लेकर भाग निकले।

ये खबर भी पढ़ें…
सेवा’ के नाम पर शिक्षकों से 200 रुपये की वसूली? शिक्षा रथ अभियान पर उठे गंभीर सवाल
सेवा’ के नाम पर शिक्षकों से 200 रुपये की वसूली? शिक्षा रथ अभियान पर उठे गंभीर सवाल
September 26, 2026
सेवा’ के नाम पर शिक्षकों से 200 रुपये की वसूली? शिक्षा रथ अभियान पर उठे गंभीर सवाल DEO बोले—ऐसी कोई...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

ग्रामीणों का आरोप है कि यह धंधा लंबे समय से प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा है और शिकायत के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।

ये खबर भी पढ़ें…
राधे मोहन रामायण समिति गौरेला के 42 श्रद्धालुओं का जत्था नर्मदा परिक्रमा के लिए रवाना,
राधे मोहन रामायण समिति गौरेला के 42 श्रद्धालुओं का जत्था नर्मदा परिक्रमा के लिए रवाना,
September 26, 2026
राधे मोहन रामायण समिति गौरेला के 42 श्रद्धालुओं का जत्था नर्मदा परिक्रमा के लिए रवाना, गौरेला नगर पालिका अध्यक्ष एवं...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

ग्रामीणों और महिलाओं का आक्रोश…?

माइनिंग विभाग के अधिकारी मौके पर पहुँचे तो उन्होंने गाड़ियों को खाली बताकर मामला रफा-दफा करने की कोशिश की। इस पर ग्रामीण महिलाओं ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा –

“हमारी आंखों के सामने मशीन से रेत निकाली जा रही थी और गाड़ियां भरी हुई थीं। अधिकारी कहते हैं गाड़ियां खाली थीं। दरअसल, अधिकारी शिकायत मिलते ही रेत माफियाओं को सूचना दे देते हैं।”

 

सूचना पर भी माफिया सतर्क क्यों….?

ग्रामीणों ने खुलकर कहा कि पुलिस और विभागीय अधिकारी खुद माफियाओं को पहले ही खबर कर देते हैं।

“जैसे ही हम शिकायत करते हैं, तुरंत गाड़ियां खाली करा दी जाती हैं और फिर अधिकारी मौके पर आकर कहते हैं कि कोई साक्ष्य नहीं मिला। यही कारण है कि खनन माफिया खुलेआम नदी की रेत लूट रहे हैं।”

राजनीतिक दबाव और अधिकारियों की मिलीभगत

समाजसेवी सचिन साहू ने आरोप लगाया –

“यह धंधा राजनीतिक दबाव और प्रशासनिक मिलीभगत के बिना संभव ही नहीं है। प्रतिदिन लाखों-करोड़ों का रेत कारोबार चल रहा है। अगर प्रशासन ईमानदारी से चाहे तो यह खेल एक दिन में बंद हो सकता है।प्रशासन की सफाई, लेकिन सवाल बरकरार

माइनिंग इंस्पेक्टर राजू यादव ने बताया कि मौके से एक चैन माउंटेन जब्त किया गया और एक हाइवा खाली मिली। वहीं, एसडीएम कोटा ने जांच और कार्रवाई की बात कही।

लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि जांच के नाम पर हमेशा लीपापोती होती है और माफियाओं को बचाने का काम किया जाता है। यही वजह है कि वर्षों से यह कारोबार बदस्तूर जारी है।

सीमा पार रेत का खेल

ग्रामीणों ने बताया कि खोंगसरा और टाटीधार मार्ग से रोज़ सैकड़ों ट्रैक्टर-हाइवा रेत लेकर मध्यप्रदेश भेजे जाते हैं। सीमा पर लगे बैरियर में कर्मचारियों की मिलीभगत से यह कारोबार आसानी से चलता है।

Back to top button
error: Content is protected !!