शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की सख्ती,डीईओ निलंबित,मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर डीईओ को कारण बताओ नोटिस,

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की सख्ती,डीईओ निलंबित,मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर डीईओ को कारण बताओ नोटिस,
रायपुर,18 सितंबर 2025_छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने गुरुवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान कड़ा रुख अपनाते हुए कई सख्त फैसले लिए। बैठक में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी डी.एन. मिश्रा को शासकीय कार्यों में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। वहीं, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी आर.पी. मिरे को प्रशासनिक कार्यों में उदासीनता पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए शिक्षा मंत्री यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि लापरवाही और उदासीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी सीधे बच्चों के भविष्य से जुड़ी हुई है, इसलिए अधिकारियों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ करना होगा।
बैठक में आगामी वर्षों के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर बल दिया गया। मंत्री यादव ने बताया कि राज्यभर में मॉडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे, जिसके लिए 10 दिनों के भीतर योग्य स्कूलों का प्रस्ताव संचालनालय को भेजने का निर्देश दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि डीएवी, इग्नाइट और पीएम श्री विद्यालयों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके।
शिक्षा मंत्री ने भवन-विहीन और भवन की आवश्यकता वाले स्कूलों की संख्यात्मक जानकारी तत्काल उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां भवन निर्माण जरूरी है वहां कार्य प्राथमिकता से शुरू किया जाए। साथ ही जर्जर भवनों को हटाने, लघु मरम्मत कार्य और शौचालय सुधार को तुरंत पूरा करने के आदेश भी दिए।
बैठक में यह भी तय हुआ कि आगामी शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से ही छात्रों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, गणवेश और साइकिलें उपलब्ध कराई जाएं। मंत्री यादव ने अधिकारियों को समय रहते सभी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इस सख्त कार्रवाई और निर्देशों से यह साफ हो गया है कि स्कूल शिक्षा मंत्री राज्य में शिक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेंगे और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही तय की जाएगी।





