शिकायतों के घेरे में आए पटवारी पर कार्रवाई, मुख्यालय बना पेण्ड्रारोड_पटवारी निलंबित

शिकायतों के घेरे में आए पटवारी पर कार्रवाई, मुख्यालय बना पेण्ड्रारोड_पटवारी निलंबित
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही:- डिजिटल क्राफ्ट सर्वे जैसे अहम काम में लापरवाही बरतने और लगातार शिकायतों से घिरे पटवारी कमलेश सिंह तंवर को आखिरकार पद से हटना पड़ा। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पेण्ड्रारोड ने सोमवार को तंवर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

लेन-देन के आरोप भी रहे चर्चा में
सूत्रों की मानें तो तंवर पर सिर्फ कामचोरी ही नहीं बल्कि लेन-देन की शिकायतें भी लंबे समय से सामने आती रही थीं। ग्रामीणों और पक्षकारों का आरोप रहा कि बिना ‘सेवा शुल्क’ दिए न तो काम आगे बढ़ता था और न ही फाइलें। इन आरोपों ने ही उनके खिलाफ कार्रवाई को और पुख्ता कर दिया।
ऑनलाईन सिस्टम से दूरी – मोबाइल तक बंद
निलंबन आदेश में कहा गया है कि पटवारी ने ऑनलाइन भुईंया और डिजिटल सर्वे से जुड़े कामों में बिल्कुल उदासीनता दिखाई। इतना ही नहीं, वह कार्यालयीन समय में मोबाइल तक बंद रखते थे, जिससे आम लोगों और राजस्व विभाग दोनों को परेशानी उठानी पड़ती थी।
प्रशासन ने दिखाई सख्ती
तंवर का मुख्यालय अब एसडीएम (राजस्व) कार्यालय, पेण्ड्रारोड तय किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें सिर्फ जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
राजस्व विभाग ने यह साफ संदेश दिया है कि – “जिम्मेदारी से बचने वालों पर अब सीधे कार्रवाई होगी।”
चर्चाओं में ‘कड़क कार्रवाई’
स्थानीय स्तर पर यह निलंबन चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग कह रहे हैं कि यदि समय रहते ऐसे अफसर-कर्मचारियों पर लगाम कसी जाती, तो डिजिटल सर्वे कार्य में तेजी आती और लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ते।





