“54% को 94% बताकर वाहवाही लूटने की कोशिश!”स्वामी आत्मानंद स्कूलों की समीक्षा बैठक में फूटा ‘आंकड़ेबाजी घोटाला’, कलेक्टर ने बैठक में ही पकड़ ली गड़बड़ी

“ 54% को 94% बताकर वाहवाही लूटने की कोशिश !”
स्वामी आत्मानंद स्कूलों की समीक्षा बैठक में फूटा ‘आंकड़ेबाजी घोटाला’, कलेक्टर ने बैठक में ही पकड़ ली गड़बड़ी

पंधी स्कूल के प्राचार्य पर भड़के कलेक्टर, डीईओ भी फटकारे गए… जिले के 34 सेजेस प्राचार्यों को नोटिस
बिलासपुर:- जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों के 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम की समीक्षा बैठक उस समय हंगामेदार हो गई, जब सेजेस स्कूल पंधी के परीक्षा परिणाम में कथित “आंकड़ों का खेल” सामने आ गया। बैठक में स्कूल का वास्तविक परिणाम 54 प्रतिशत होने के बावजूद उसे 94 प्रतिशत बताकर पेश किए जाने का मामला उजागर हुआ। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जैसे ही पहले से ऑनलाइन अपलोड आंकड़ों से मिलान किया, पूरी गड़बड़ी सामने आ गई। इसके बाद बैठक का माहौल अचानक गरमा गया और कलेक्टर ने मौके पर ही प्राचार्य को जमकर फटकार लगाई।

सूत्रों के मुताबिक, मंथन सभा कक्ष में सोमवार को जिले के 34 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिन्दी माध्यम विद्यालयों के प्राचार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। बैठक का मुख्य उद्देश्य 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों का विश्लेषण करना था। जिले में “मिशन-90 प्लस” अभियान चलाने के बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं आने से प्रशासन पहले से ही नाराज बताया जा रहा था। ऐसे में सभी स्कूलों से विस्तृत परिणाम रिपोर्ट मंगाई गई थी।
“ऑनलाइन रिकॉर्ड कुछ और… बैठक में पेश रिपोर्ट कुछ और”

बैठक के दौरान जब स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय पंधी की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, तो उसमें विद्यालय का परिणाम 94 प्रतिशत बताया गया। लेकिन कलेक्टर संजय अग्रवाल ने पहले से ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों से उसका मिलान कराया, जहां स्कूल का वास्तविक परिणाम करीब 54 प्रतिशत दर्ज था। बताया जा रहा है कि इस भारी अंतर को देखते ही कलेक्टर भड़क उठे। उन्होंने बैठक में मौजूद प्राचार्य संजय शर्मा को खड़ा कर जवाब मांगा और आंकड़ों में इस तरह के कथित हेरफेर पर कड़ी नाराजगी जताई। मामला सिर्फ एक टाइपिंग मिस्टेक तक सीमित नहीं माना गया, बल्कि इसे “वाहवाही लूटने की कोशिश” के रूप में देखा गया।
डीईओ भी नहीं बचे, बैठक में लगी क्लास
इस पूरे मामले में जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे की भूमिका पर भी सवाल उठे। कलेक्टर ने पूछा कि जब रिपोर्ट विभागीय स्तर से सत्यापित होकर बैठक तक पहुंची, तो इतनी बड़ी गड़बड़ी कैसे छूट गई? इसके बाद डीईओ को भी बैठक में कड़ी फटकार लगाई गई।बैठक में मौजूद अन्य प्राचार्यों के बीच इस कार्रवाई के बाद सन्नाटा छा गया। सूत्रों का कहना है कि कई स्कूलों के परिणाम अपेक्षा से काफी कमजोर पाए गए हैं, जिससे प्रशासन बेहद नाराज है।
जिले के सभी 34 स्वामी आत्मानंद प्राचार्यों को नोटिस
समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि जिले के अधिकांश स्वामी आत्मानंद स्कूलों का बोर्ड परिणाम 80 प्रतिशत से नीचे रहा है। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर जिले के सभी 34 स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी एवं हिन्दी माध्यम स्कूलों के प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। इन सभी से लिखित जवाब मांगा गया है। जवाबों की समीक्षा के बाद जिम्मेदार अधिकारियों और प्राचार्यों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
“सर्वसुविधायुक्त स्कूलों के भी कमजोर नतीजे”
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जिन स्वामी आत्मानंद स्कूलों को राज्य सरकार द्वारा अत्याधुनिक सुविधाओं, अंग्रेजी माध्यम, स्मार्ट क्लास, लैब और विशेष संसाधनों से लैस किया गया, उन्हीं स्कूलों के परीक्षा परिणाम उम्मीद से कमजोर आए हैं। इससे शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। अब प्रशासन ने सभी सरकारी हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों के परिणामों की भी समीक्षा शुरू कर दी है।
आज फिर होगी बड़ी समीक्षा बैठक, जानकारी के अनुसार, 14 मई को जिले के सभी शासकीय हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों की दो पालियों में बैठक बुलाई गई है। इसमें बोर्ड परीक्षा परिणामों की समीक्षा होगी। शिक्षा विभाग में चर्चा है कि यह बैठक भी काफी सख्त रहने वाली है और कमजोर परिणाम वाले स्कूलों पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
डीईओ ने माना मामला गंभीर…!
जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे ने कहा कि बोर्ड परीक्षा परिणाम समीक्षा के दौरान गलत आंकड़े प्रस्तुत किए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई है। कम परिणाम वाले सभी स्वामी आत्मानंद स्कूलों के प्राचार्यों को नोटिस जारी किया गया है। जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।














