LIVE UPDATE
झमाझम खबरें

सोमनाथ मंदिर के 1000 वर्ष पूर्ण होने पर अमरकंटक में गूंजी भक्ति की स्वर लहरियां, जलेश्वर महादेव मंदिर में भव्य भजन संध्या का आयोजन

सोमनाथ मंदिर के 1000 वर्ष पूर्ण होने पर अमरकंटक में गूंजी भक्ति की स्वर लहरियां, जलेश्वर महादेव मंदिर में भव्य भजन संध्या का आयोजन

अमरकंटक। धार्मिक एवं आध्यात्मिक नगरी अमरकंटक स्थित पवित्र जलेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण रविवार की शाम भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा, जब यहां भव्य भजन संध्या कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह विशेष आयोजन भारत सरकार के संस्कृति विभाग द्वारा सोमनाथ मंदिर के 1000 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में आयोजित किए जा रहे सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत संपन्न हुआ। कार्यक्रम में भक्ति संगीत की मधुर प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के नवनियुक्त कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन, जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी, मरवाही विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची सहित जिले के अनेक वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक विशेष रूप से उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने कार्यक्रम में भाग लेकर भक्ति रस का आनंद लिया।
जलेश्वर महादेव मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा एवं पारंपरिक सजावट से भव्य रूप दिया गया था। मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही भक्तिमय वातावरण का अनुभव हो रहा था। शाम ढलते ही जैसे ही भजन संध्या का शुभारंभ हुआ, पूरा वातावरण “हर हर महादेव” और शिव भजनों की स्वर लहरियों से गूंज उठा। श्रद्धालु भक्ति संगीत में इतने भावविभोर हुए कि देर रात तक कार्यक्रम स्थल पर डटे रहे।
भजन संध्या में कीर्ति खुसरो एपीओ ने अपनी सुमधुर आवाज में भक्ति गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद मीनाक्षी केशरवानी, व्याख्याता गणित, शासकीय हाईस्कूल कुडकई पेंड्रा ने शिव एवं देवी भजनों की मनमोहक प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। वहीं डीएवी स्कूल सारबहरा के म्यूजिक टीचर साजन पाठक ने अपनी संगीतमयी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में नई ऊर्जा का संचार किया। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि भारत की संस्कृति, संगीत और आध्यात्मिक परंपराएं देश की सबसे बड़ी धरोहर हैं। सोमनाथ मंदिर के 1000 वर्ष पूर्ण होना भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के गौरव का प्रतीक है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं।
मरवाही विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची ने अपने संबोधन में कहा कि अमरकंटक जैसी पवित्र भूमि पर आयोजित इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। उन्होंने कहा कि भक्ति संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि आत्मिक शांति और आध्यात्मिक जागरण का भी सशक्त माध्यम है।
जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियां भी समाज के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय प्रतिभाओं को ऐसे मंच मिलने से कला और संस्कृति को नई पहचान मिलती है।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी कलाकारों एवं आयोजन से जुड़े सहयोगियों का सम्मान किया गया। श्रद्धालुओं ने आयोजन की भव्यता और व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए इसे यादगार बताया। पूरी शाम जलेश्वर महादेव मंदिर परिसर भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक अनुभूति से सराबोर रहा तथा उपस्थित लोगों ने भगवान शिव के जयकारों के साथ कार्यक्रम का आनंद लिया।

ये खबर भी पढ़ें…
नंबरों की हेराफेरी से सरकारी नौकरी? 17 साल बाद शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप”
नंबरों की हेराफेरी से सरकारी नौकरी? 17 साल बाद शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप”
May 13, 2026
“नंबरों की हेराफेरी से सरकारी नौकरी? 17 साल बाद शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप” कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

Back to top button
error: Content is protected !!