
फर्जी राशन कार्डधारियों को बांटा जा रहा चावल, ग्राम लालपुर में सरकारी योजना का खुला मखौल, खाद्य अधिकारी से जांच की मांग
मुंगेली। जनपद पंचायत लोरमी के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत लालपुर में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं में बड़े पैमाने पर धांधली और फर्जीवाड़े का मामला उजागर हुआ है। यहां अविवाहित लोगों के नाम पर फर्जी विवाह दिखाकर और काल्पनिक बच्चों के नाम जोड़कर राशन कार्ड जारी किए गए, जिन पर वर्षों से सरकारी चावल और अन्य राशन सामग्री का वितरण किया जा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरा खेल ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच और कुछ स्थानीय कर्मचारियों की मिलीभगत से किया गया है। बताया गया कि प्रत्येक कार्ड बनवाने के लिए 4 हजार रुपए तक की वसूली की गई और जनपद कार्यालय में फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर कार्ड स्वीकृत कराए गए।ग्रामीणों ने इसे गरीबों के हक पर सीधा डाका बताया है। उनका कहना है कि जब असली गरीब परिवारों को पात्रता सूची से बाहर रखा गया, वहीं कुंवारे व्यक्तियों के नाम पर “पत्नी” और “बच्चों” के नाम जोड़कर कार्ड जारी किए गए।
शिकायतकर्ताओं ने इस मामले की शिकायत जिला खाद्य अधिकारी से लेकर कलेक्टर तक की है। हालांकि, शिकायत के बावजूद अब तक किसी तरह की ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।शिकायत में बताया गया कि ग्राम पंचायत लालपुर की उचित मूल्य दुकान “करूणा माता स्व सहायता समूह, ग्राम मारूकापा” से फर्जी कार्डधारियों को लगातार अनाज वितरित किया जा रहा है। आवेदन में कुल 12 संदिग्ध राशन कार्ड नंबरों की सूची दी गई है, जो दुकान क्रमांक 402007078 से संबंधित हैं।सूची में शामिल कुछ नाम इस प्रकार हैं,अंजनी / विकास कुमार,अनामिका बारे / महेश कुमार बारे,अनीता,टंडन / एवन,अमृता बघेल / सूर्यकांत बघेल,शिवानी डाहिरे / मोतीलाल डाहिरे
इनमें से कई व्यक्ति अविवाहित हैं, फिर भी उनके राशन कार्ड में “पत्नी” और “बच्चों” के नाम दर्शाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह फर्जीवाड़ा वर्षों से चल रहा है, और जांच के नाम पर केवल औपचारिकताएं की जा रही हैं।ग्रामीणों ने जिला खाद्य अधिकारी से तत्काल जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे इस मामले को राज्य शासन और लोकायुक्त के समक्ष ले जाएंगे।





