LIVE UPDATE
झमाझम खबरेंदुनियादेशप्रदेशराजनीतीरायपुर

ईओडब्ल्यू जांच पर ‘ब्रेक’: 314 अफसरों पर शिकायतें लंबित, अनुमति के जाल में फंसी कार्रवाई

ईओडब्ल्यू जांच पर ‘ब्रेक’: 314 अफसरों पर शिकायतें लंबित, अनुमति के जाल में फंसी कार्रवाई

,रायपुर,छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए हैं। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) के पास 314 अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें लंबित हैं, लेकिन अनुमति के अभाव में एक भी मामले में ठोस जांच आगे नहीं बढ़ पाई है। इससे यह संकेत मिल रहा है कि जांच प्रक्रिया कागजों तक सिमट कर रह गई है।

ये खबर भी पढ़ें…
17वीं राज्य स्तरीय वुशू चैम्पियनशिप में रायपुर का जलवा, खिलाड़ियों ने जीते 18 पदक
17वीं राज्य स्तरीय वुशू चैम्पियनशिप में रायपुर का जलवा, खिलाड़ियों ने जीते 18 पदक
May 27, 2026
17वीं राज्य स्तरीय वुशू चैम्पियनशिप में रायपुर का जलवा, खिलाड़ियों ने जीते 18 पदक रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य वुशू संघ द्वारा...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17(क) इस देरी की सबसे बड़ी वजह बनकर सामने आई है। इस प्रावधान के तहत किसी भी शासकीय अधिकारी के खिलाफ जांच शुरू करने से पहले संबंधित विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य होता है। नतीजतन, शिकायतें दर्ज होने और प्रारंभिक परीक्षण पूरा होने के बावजूद फाइलें आगे नहीं बढ़ पा रही हैं।

आंकड़ों के मुताबिक EOW के पास 314 शिकायतें लंबित हैं। कई मामलों में दस्तावेजी तैयारी पूरी हो चुकी है, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के कारण एक भी प्रकरण में व्यापक जांच शुरू नहीं हो सकी है। यह स्थिति प्रशासनिक निष्क्रियता को उजागर करती है।

ये खबर भी पढ़ें…
गोबर खाद घोटाले में दूसरी बड़ी कार्रवाई: मरवाही वन परिक्षेत्र अधिकारी रमेश खैरवार निलंबित, GPM वन विभाग में मचा हड़कंप
गोबर खाद घोटाले में दूसरी बड़ी कार्रवाई: मरवाही वन परिक्षेत्र अधिकारी रमेश खैरवार निलंबित, GPM वन विभाग में मचा हड़कंप
May 27, 2026
मिथलेश आयम, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) : वन विभाग में बहुचर्चित गोबर खाद घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में कार्रवाई का...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

सबसे गंभीर पहलू यह है कि जिन अधिकारियों पर आरोप हैं, उन्हीं के विभाग से जांच की अनुमति लेनी पड़ती है। ऐसे में निष्पक्ष जांच की प्रक्रिया पर सवाल उठना स्वाभाविक है।सूत्रों के अनुसार इन शिकायतों में IAS, IPS सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं, जिससे मामला प्रशासनिक ढांचे के ऊपरी स्तर तक पहुंचता नजर आ रहा है।इस पूरे घटनाक्रम ने सरकार की पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फाइलें तैयार हैं, लेकिन अनुमति नहीं मिल रही—जिससे जांच और जवाबदेही दोनों ही ठहर गई हैं।

मामले को लेकर मांग उठ रही है कि धारा 17(क) की अनुमति प्रक्रिया को सरल बनाया जाए, जांच के लिए समयसीमा तय की जाए और लंबित मामलों में तत्काल कार्रवाई शुरू की जाए।फिलहाल बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार इस ‘अनुमति के जाल’ को तोड़ पाएगी, या भ्रष्टाचार के मामले यूं ही फाइलों में दबे रहेंगे।

ये खबर भी पढ़ें…
जंगलों तक पहुंची सरकार की सख्ती: प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने अचानकमार में अफसरों को चेताया, कहा— योजनाओं का लाभ हर बैगा परिवार तक पहुंचे”
जंगलों तक पहुंची सरकार की सख्ती: प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने अचानकमार में अफसरों को चेताया, कहा— योजनाओं का लाभ हर बैगा परिवार तक पहुंचे”
May 27, 2026
“जंगलों तक पहुंची सरकार की सख्ती: प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने अचानकमार में अफसरों को चेताया, कहा— योजनाओं का लाभ...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

Back to top button
error: Content is protected !!