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छत्तीसगढ़ में नए बीएड कॉलेज खूलने का रास्ता हुआ साफ, नए कॉलेजों में सिर्फ इतने वर्षीय पाठ्यक्रमों का ही होगा संचालन

छत्तीसगढ़ में नए बीएड कॉलेज खूलने का रास्ता हुआ साफ, नए कॉलेजों में सिर्फ इतने वर्षीय पाठ्यक्रमों का ही होगा संचालन

रायपुर/छत्तीसगढ़ प्रदेश में 14 नए बीएड महाविद्यालय खोले जाएंगे। इन नए बीएड महाविद्यालयों में सिर्फ 4 वर्षीय पाठ्यक्रमों का ही संचालन होगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार दो वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम को बंद किया जाना है। इसके स्थान पर चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड पाठ्यक्रम शुरू होगा। इसके अंतर्गत बीए-बीएड, बीएससी-बीएड तथा बीकॉम-बीएड का संचालन किया जाना है। छात्र इसमें 12 वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद सीधे प्रवेश ले सकेंगे। चार वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम प्रारंभ करने के लिए नए कॉलेज खोलने आवेदन उन्हीं महाविद्यालयों द्वारा किया गया है, जहां पहले से ही दो वर्षीय बीएड कोर्स संचालित हैं।

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बारहवीं के बाद छात्रों को दिया जाऐगा प्रवेश
इन कॉलेजो में बारहवीं के बाद छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। बीएससी-बीएड में विज्ञान और गणित संकाय के छात्र दाखिला ले सकेंगे। इसी तरह से बीकॉम-बीएड में कॉमर्स संकाय के छात्र दाखिला लेंगे। बीए- बीएड में कला संकाय के साथ ही अन्य संकाय के छात्रों को भी प्रवेश दिया जाएगा। अनुमति के लिए आवेदन करने वाले निजी महाविद्यालयों के अतिरिक्त पं. रविशंकर शुक्ल विवि में भी मौजूदा शैक्षणिक सत्र से चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड पाठ्यक्रम की शुरुआत की जा रही है।

छत्तीसगढ़ में अभी कुल 14 हजार 600 सीटें
प्रदेश में बीएड के 135 महाविद्यालय हैं। इनमें मात्र चार ही शासकीय हैं, जो रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर और कांकेर में स्थित है। वर्तमान में बीएड की प्रदेश में 14 हजार 600 सीटें हैं। यहां दो वर्षीय बीएड के साथ डीएलएड का संचालन हो रहा है। प्राइवेट बीएड कॉलेज एसोसिएशन के संयोजन राजीव गुप्ता के अनुसार, जिन नए महाविद्यालयों ने मान्यता के लिए आवेदन किया है वहां शुरुआत में 100-100 मिलने की उम्मीद है। शासन स्तर पर एनओसी मिलने के बाद राष्ट्रीय अध्यापक परिषद द्वारा कॉलेजों को संबद्धता प्रदान की जाएगी। सत्र 2024-25 से ही इसकी शुरुआत होने की उम्मीद है।

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