जनाक्रोश के बाद भी नहीं सुधरे हालात, सड़क मरम्मत में खुला भ्रष्टाचार , हाथ से उखड़ गई नई सड़क, PWD–ठेकेदार गठजोड़ पर सवाल- अमन शर्मा !

जनाक्रोश के बाद भी नहीं सुधरे हालात, सड़क मरम्मत में खुला भ्रष्टाचार , हाथ से उखड़ गई नई सड़क, PWD–ठेकेदार गठजोड़ पर सवाल- अमन शर्मा !
गौरेला–पेंड्रा–मरवाही (जीपीएम)।जीपीएम जिले में विकास कार्यों के नाम पर हो रहे कथित भ्रष्टाचार की परतें एक-एक कर खुलती जा रही हैं। जिला यूथ कांग्रेस द्वारा आयोजित विशाल जनाक्रोश प्रदर्शन और कलेक्ट्रेट घेराव के ठीक एक दिन बाद प्रशासन भले ही हरकत में आया हो, लेकिन जमीनी सच्चाई यह साबित कर रही है कि कार्रवाई दिखावटी है और नीयत में खोट साफ नजर आ रहा है। जिला यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अमन शर्मा के नेतृत्व में किए गए औचक निरीक्षण में लोक निर्माण विभाग (PWD) की गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं, जिससे सड़क मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
आगे शर्मा ने बताया कि सेमरा तिराहा से पेंड्रा मार्ग पर किए जा रहे सड़क मरम्मत कार्य का निरीक्षण करते हुए अमन शर्मा ने कहा कि नियमों और तकनीकी मानकों को पूरी तरह ताक पर रखा गया है। सड़क मरम्मत के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार डामर के साथ उच्च गुणवत्ता वाले क्रेशर डस्ट का उपयोग अनिवार्य होता है, ताकि सड़क लंबे समय तक टिकाऊ और सुरक्षित बनी रहे।
अमन शर्मा जिलाध्यक्ष युवा कांग्रेस
लेकिन मौके पर जो स्थिति सामने आई, वह चौंकाने वाली थी। डामर की परत के ऊपर सीधे मिट्टी डाली जा रही थी, जो किसी भी दृष्टि से सड़क मरम्मत नहीं बल्कि सरकारी धन की बर्बादी और भ्रष्टाचार का खुला उदाहरण है।निरीक्षण के दौरान यह भी देखा गया कि सड़क पर बिछाई गई नई परतें बेहद कमजोर हैं। अमन शर्मा ने स्वयं हाथ से सड़क की परत को कुरेदकर दिखाया, जो बिना किसी औजार के ही उखड़ने लगी।

इससे यह साफ हो गया कि डामर का उपयोग केवल कागजों और बिलों में दिखाया जा रहा है, जबकि वास्तविकता में गुणवत्ता से समझौता कर कार्य पूरा किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी शिकायत की कि कुछ ही दिनों में सड़क फिर से उखड़ने लगेगी और बरसात के मौसम में हालात और बदतर हो जाएंगे।
अमन शर्मा ने कहा कि यह मामला सिर्फ एक सड़क तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे जिले में विकास के नाम पर चल रहे कई कार्यों की पोल खोलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से घटिया सामग्री का उपयोग कर सरकारी खजाने को चूना लगाया जा रहा है। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें खराब सड़कों, दुर्घटनाओं और बार-बार मरम्मत के नाम पर हो रही बर्बादी का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि जनाक्रोश प्रदर्शन के दबाव में आनन-फानन में शुरू किए गए कार्य केवल औपचारिकता हैं। अगर प्रशासन वास्तव में गंभीर होता तो पहले गुणवत्ता की जांच कराता, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करता और मानकों के अनुरूप काम सुनिश्चित करता। लेकिन यहां तो स्थिति यह है कि काम शुरू होते ही भ्रष्टाचार की बदबू आने लगी है।
जिला यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अमन शर्मा ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा,
“एक सजग नागरिक और जिलाध्यक्ष होने के नाते मेरा स्पष्ट संकल्प है कि हम ऐसे मामलों में चुप नहीं बैठेंगे। जिले में विकास के नाम पर चल रहे दर्जनों कार्यों की कच्ची चिट्ठी हम परत-दर-परत जनता के सामने लाएंगे। चाहे सड़क निर्माण हो, मरम्मत कार्य हो या अन्य कोई योजना—जहां भी भ्रष्टाचार होगा, वहां यूथ कांग्रेस आवाज उठाएगी।”
उन्होंने मांग की कि सेमरा तिराहा से पेंड्रा मार्ग की मरम्मत की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषी जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय व कानूनी कार्रवाई हो। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जब तक सड़क कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुसार दोबारा नहीं कराया जाता, तब तक यूथ कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा। सूत्रों ने बताया की ?
स्थानीय नागरिकों ने भी यूथ कांग्रेस के इस कदम का समर्थन करते हुए कहा कि वर्षों से जिले में सड़कों की बदहाली एक बड़ी समस्या बनी हुई है। हर साल मरम्मत के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़कों की हालत जस की तस रहती है। लोगों ने उम्मीद जताई कि इस बार जनआंदोलन और लगातार हो रहे खुलासों के चलते प्रशासन को मजबूरन ठोस कार्रवाई करनी पड़ेगी।





