

मरवाही(ख़बरों का राजा) – जिले में कासबहरा से मनेंद्रगढ़ शिवम ट्रेवल बस बिना नंबर प्लेट के धड़ल्ले से बिना किसी प्रकार के रोक टोक की यात्रा लगातार कर रहीं है। जिसमें परिवहन विभाग भी आंख बंद कर मौन है आखिर क्यूँ…? जिसमें परिवहन विभाग भी आंख बंद कर मौन बैठा हुआ है। अक्सर कई बार इन बिना नंबरों वाले बसों से सडक दुर्घटनाएं भी हो जाती है। यातायात विभाग मौन साधे हुए है। जिसके चलते लगातार सड़क नियमों की धज्जियां उडाई जा रही है। बिना नंबर प्लेट लगाये बस का संचालन करना पूरी तरह से अवैध है। इसके बाद भी परिवान विभाग विभाग की लापरवाही चरम पर है। मना की अनदेखी कर वाहन सड़कों पर धड़ल्ले से चलाई जा रही है …जिले में नियमों को ताक पर रखकर यात्री बस का संचालन हो रहा है। यात्री बस में ऊपर से लेकर अंदर तक सवारियों को भरकर ओवरलोडिंग चलाया जा रहा है। अगर घटना होती है तो बड़े पैमाने पर जान माल का नुकसान होगा। लेकिन परिवहन विभाग इस पर खामोश है। ओवरलोडिंग मौत को बुलावा देने जैसा है। लेकिन फिर भी प्रशासन कार्रवाई करने से खामोश है। लिहाजा जिले में परिवहन नियम की धज्जियां उड़ाई जा रही है गौरतलब हो की क्षमता से अधिक सवारियों को लेकर परिवहन किया जा रहा है जिसे कभी भी दुर्घटना हो सकती है ..
जानिए क्या कहता है नियम :-
किसी भी यात्री बस को परमिट एक तय मानक के तहत दिया जाता है। परमिट पर ही सिटिंग क्षमता तय होती है। उसके अनुसार ही यात्री बसों का संचालन करना होता है। अगर कोई यात्री बस अपने परमिट के अनुसार क्षमता से अधिक यात्रियों को बसों में बैठाता है तो वह नियम के विरूद्ध है। वहीं बस के ऊपर बैठाना तो बिल्कुल अपराध है। क्षमता से अधिक ओवरलोडिंग एमवी एक्ट 1988 के सेक्शन 192 के तहत अपराध है। अगर कोई यात्री बस मालिक इसका उल्लंघन करता है तो उसे पांच हजार का आर्थिक जुर्माना या परमिट रद्द तक की कार्रवाई हो सकती है।





