एसीबी का बड़ा खुलासा — नायब तहसीलदार ने मांगी थी 1.5 लाख की रिश्वत, 50 हजार लेते पकड़ा गया

एसीबी का बड़ा खुलासा — नायब तहसीलदार ने मांगी थी 1.5 लाख की रिश्वत, 50 हजार लेते पकड़ा गया
बिलासपुर। भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) की टीम ने आज एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बिलासपुर जिले में पदस्थ नायब तहसीलदार को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। अधिकारी ने जमीन की फौती (उत्तराधिकार दर्ज) के बदले 1.5 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी।

एसीबी बिलासपुर के डीएसपी अजितेश सिंह ने जानकारी दी कि यह कार्रवाई ग्राम बिटकुला निवासी प्रवीण पाटनवार की शिकायत के आधार पर की गई। प्रार्थी ने बताया था कि उसकी मां के नाम पर दर्ज 21 एकड़ कृषि भूमि की फौती प्रक्रिया के लिए संबंधित नायब तहसीलदार ने 1.5 लाख रुपए रिश्वत मांगी थी।
शिकायत के बाद एसीबी ने मामले की गोपनीय जांच शुरू की। जांच में आरोप सही पाए जाने पर टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। योजना के अनुसार, आज प्रार्थी को 50 हजार रुपए की पहली किश्त लेकर भेजा गया। जैसे ही नायब तहसीलदार ने यह रकम स्वीकार की, एसीबी की टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान अधिकारी के पास से पूरी रिश्वत की राशि बरामद की गई। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
डीएसपी सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या अधिकारी पहले भी इस तरह के भ्रष्टाचार के मामलों में संलिप्त रहा है या अन्य कर्मचारियों की इसमें कोई भूमिका रही है।
एसीबी सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में आरोपी के कार्यालय और निजी आवास की तलाशी भी ली जा सकती है ताकि अन्य सबूत जुटाए जा सकें।





