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_औचक निरीक्षण में खुली तहसील की पोल ! बेतरतीब रिकॉर्ड और लंबित मामलों पर कलेक्टर की फटकार______

_औचक निरीक्षण में खुली तहसील की पोल ! बेतरतीब रिकॉर्ड और लंबित मामलों पर कलेक्टर की फटकार______

कोरबा। जिले के कलेक्टर अजित वसंत ने मंगलवार को पोड़ी उपरोड़ा तहसील कार्यालय में औचक निरीक्षण कर तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली की गहराई से समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान तहसील की विभिन्न शाखाओं में फैली अव्यवस्था ने प्रशासनिक ढिलेपन की पोल खोल दी। कई कोर्ट शाखाओं, रिकॉर्ड रूम, नामांतरण–विवाद निवारण कक्षों तथा राजस्व संबंधित कार्यालयों में बिखरे दस्तावेज और असंगठित फाइलिंग देख कलेक्टर ने नाराजगी जताई।

रिकॉर्ड अस्त-व्यस्त, महत्वपूर्ण दस्तावेजों की सही देखरेख नहीं !

कलेक्टर वसंत ने पाया कि कई महत्वपूर्ण रजिस्टर एवं दस्तावेज निर्धारित मानकों के मुताबिक व्यवस्थित नहीं थे। फाइलों में क्रमहीनता, पुरानी प्रविष्टियों का अद्यतन न होना, राजस्व अभिलेखों का गलत तरीके से रख-रखाव और कई मामलों के लंबित रहने की स्थिति सामने आई । उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी शाखाओं में तत्काल फाइल प्रबंधन, रिकॉर्ड अद्यतन और दस्तावेजों के सुरक्षित रख-रखाव की प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि राजस्व कार्यों की समयबद्धता व पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।कलेक्टर ने कहा—“तहसील कार्यालय सीधे जनता, किसानों और ग्रामीणों के हितों से जुड़ा है। यहां अव्यवस्था किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी सुधार कार्यों की रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करें।”

सबसे बड़ा ब्लॉक, लेकिन स्टाफ की भारी कमी—कलेक्टर ने जताई गंभीर चिंता !

निरीक्षण के दौरान एक बड़ा मुद्दा यह भी सामने आया कि पोड़ी उपरोड़ा जिले का सबसे बड़ा ब्लॉक होने के बावजूद वर्षों से स्टाफ की भारी कमी झेल रहा है। नायब तहसीलदार, पटवारी, सहायक कर्मचारियों और शाखा प्रभारियों की कमी के कारण कई महत्वपूर्ण राजस्व मामले महीनों से लंबित हैं। कई किसानों के नामांतरण, बंटवारे, सीमांकन, खसरा खतौनी अद्यतन और प्रमाण पत्र संबंधी कार्यों में अनावश्यक विलंब से आम जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है। कलेक्टर बसंत ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए कहा कि स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन युद्धस्तर पर कदम उठाएगा।उन्होंने स्पष्ट किया“जनता के कामों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आवश्यक पदों पर जल्द नियुक्ति या पदस्थापना की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि ब्लॉक की कार्यप्रणाली बेहतर हो सके।”

धान खरीदी केंद्र में भी जांच—किसानों की सुविधा को लेकर दिए सख्त निर्देश !

तहसील कार्यालय निरीक्षण के बाद कलेक्टर धान खरीदी केंद्र पहुंचे और वहां की व्यवस्था का विस्तृत जायजा लिया।उन्होंने धान की तौल प्रक्रिया, गुणवत्ता परीक्षण, भंडारण व्यवस्था, टोकन जारी करने की प्रणाली, परिवहन व्यवस्था और किसानों की लाइन प्रबंधन की समीक्षा की।कलेक्टर ने केंद्र प्रबंधन को चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि किसी भी किसान को अनावश्यक प्रतीक्षा या परेशानी न हो, और खरीदी पूरी तरह पारदर्शी एवं सुचारू रहे।उन्होंने निर्देश दिए कि टोकन समय पर जारी हों, तौल मशीनें दुरुस्त रहें और भंडारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न की जाए।

निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे अधिकारी !

कलेक्टर के औचक निरीक्षण के दौरान पोड़ी SDM, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी वर्ग और तहसील का पूरा स्टाफ उपस्थित रहा। अधिकारियों को कलेक्टर ने मौके पर ही कई आवश्यक निर्देश दिए और अगले चरण की सुधार रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।

कलेक्टर के दौरे से प्रशासन में हड़कंप, सुधार की तैयारी तेज !

कलेक्टर के इस अचानक दौरे ने तहसील एवं ब्लॉक प्रशासन में हलचल मचा दी है। अव्यवस्था उजागर होने के बाद अब संबंधित शाखाओं में सुधार कार्य शुरू करने की तैयारियां तेज हो गई हैं।जनता और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए आने वाले दिनों में रिकॉर्ड प्रबंधन, स्टाफ उपलब्धता और सेवाओं में तेजी लाने के लिए कई कदम उठाए जाने की उम्मीद है।

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