झमाझम खबरेंट्रेंडिंगप्रदेशराजनीतीरायपुर

भ्रष्ट कर्मचारियों की निलंबन पर बहाली कैसे..? “प्रशासन की गोद मे कर रहे तांडव।” जाँच का तलवार लटका – रेंजर का ऑडियो : “मैं तो लाखों रुपये का रिश्वत दे कर आया हूं…”

गौरेला पेंड्रा मरवाही, (खबरों का राजा)। छत्तीसगढ़ के मरवाही वनमंडल में भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के आरोपों ने वन विभाग की साख पर गहरी चोट पहुंचाई है। सोशल मीडिया पर वायरल एक ऑडियो क्लिप में विभाग के पदस्थ रेंजर को यह कहते सुना जा रहा है कि उन्होंने “लाखों रुपये देकर पोस्टिंग करवाई” है। बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला सेवानिवृत्त मुख्य वन संरक्षक (CCF) प्रभात मिश्रा के कार्यकाल से जुड़ा है। मिश्रा हाल ही में बिलासपुर से 65 वर्ष की आयु पूरी कर सेवानिवृत्त हुए हैं, लेकिन रिटायरमेंट से एक दिन पहले लिए गए विवादित निर्णयों ने विभाग में हड़कंप मचा दिया है। निलंबित रेंजर मान सिंह श्याम, मनीष श्रीवास्तव, उदय तिवारी, और बिट गार्ड राकेश राठौर को कथित रूप से कमीशन लेकर पुनः बहाल किया गया। इतना ही नहीं, मान सिंह श्याम को “उड़ान दस्तक” का प्रभारी रेंजर भी बना दिया गया। वायरल ऑडियो में रेंजर मनीष श्रीवास्तव से ₹3 लाख और मान सिंह श्याम से ₹1.50 लाख की सौदेबाजी की बात सुनी जा रही है। इसके बाद महज़ 24 घंटे के भीतर ही उनकी बहाली कर दी गई। वर्तमान में उदय तिवारी को क्षेत्र सहायक खोडरी के रूप में कार्य करते हुए देखा जा सकता है, जबकि राकेश राठौर साधवानी नर्सरी में निडर होकर कार्यरत हैं। यह स्थिति इस बात का प्रमाण है कि विभागीय कार्रवाई केवल दिखावा बनकर रह गई है और “पैसा ही सब कुछ” का चलन वन विभाग में आम बात हो चूका है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि वन विभाग की छवि पर लगे भ्रष्टाचार के दाग को मिटाया जा सके।

Back to top button
error: Content is protected !!