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विकास खंड शिक्षा अधिकारी निलंबित,आखिर किस मामले में हुआ…?

विकास खंड शिक्षा अधिकारी निलंबित,आखिर किस मामले में हुआ…?

जशपुर नगर/कलेक्टर डॉ रवि मित्तल ने अधीनस्थ कार्यालय और स्कूलों में पदस्थ 123 कर्मचारियों का पीपीईएस सॉफ्टवेयर डाटा एंट्री का कार्य नहीं कराए जाने के से लोकसभा निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाही एवं उदासीनता के कारण विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी पत्थलगांव धनी राम भगत को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है।

बता दें कि अभी लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 के सुचारू रूप से संचालन किये जाने हेतु धनी राम भगत, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी पत्थलगांव को अपने कार्यालय एवं अधीनस्थ कार्यालयों के समस्त कर्मचारियों पीपीईएस सॉफ्टवेयर में डाटा एन्ट्री कराये जाने का कार्य सौंपा गया था। किन्तु इनके द्वारा अपने कार्यालय के कर्मचारी जैसे श्री उदे राम राठिया, भृत्य का पीपीईएस सॉफ्टवेयर में डाटा एन्ट्री नहीं कराया जाकर डाटा फाइनलाइज कर दिया गया। इसी क्रम में इनके अधीनस्थ कार्यालय-स्कूलों में पदस्थ 123 कर्मचारियों का डाटा एन्ट्री का कार्य नहीं कराया गया है। न ही इनके द्वारा संवीक्षा की गई। जिससे निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हुआ है। जिस संबंध में भगत को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। जिसका जवाब भगत द्वारा 12 अप्रैल 2024 को प्रस्तुत किया गया। जिसमें मुख्य रूप से बताया गया कि 12 अप्रैल 2024 को लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर से सेवानिवृत्त-मृत्यु हितलाभ का भुगतान देयक विवरण अवलोकन उपरान्त वापस आते समय कार दुर्घटना होने के कारण स्वयं एवं कार्यालय के 03 अन्य लिपिक कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गये। जिस कारण पीपीईएस सॉफ्टवेयर में डाटा एंट्री हेतु शेष 123 कर्मचारियों संवीक्षा नहीं किया जा सका

 

स्वीकार किया जाकर क्षमा याचना किया गया है

प्रस्तुत जवाब परिशिलन किया गया समाधानकारक नहीं पाया गया। धनी राम भगत, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी पत्थलगांव का उक्त कृत्य से ऐसा परिलक्षित होता है कि इनके द्वारा पदीय कर्तव्यों का निर्वहन निष्ठापूर्वक नहीं किया गया है। जो कि उदासीनता एवं लापरवाही का द्योतक है तथा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम 03 के विपरीत है। लोक प्रतिनिधित्व नियम, 1951 के धारा 28 ए के तहत किसी निर्वाचन के संचालन के लिए रिटर्निंग अधिकारी, सहायक रिटर्निंग अधिकारी, पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी, और इस भाग के अधीन नियुक्त कोई अन्य अधिकारी, और किसी राज्य सरकार द्वारा तत्समय पदाभिहित कोई पुलिस अधिकारी, उस अवधि के लिए, जो ऐसे आदर्श आचार संहिता (अधिसूचना) की तारीख से ऐसे अधिकारी कर्मचारी उस अवधि के दौरान निर्वाचन आयोग के अधीन है। अतः जिला स्तर पर जिला निर्वाचन अधिकारी के नियंत्रण, अधीक्षण और अनुशासन के अधीन हैं।

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