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विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान 2026-27 का शुभारंभ

विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान 2026-27 का शुभारंभ

राजीव स्मृति वन में बरगद का पौधा लगाकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

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रायपुर 5 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित राजीव स्मृति वन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान 2026-27 का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कृष्ण वट (बरगद) का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने भी बेल का पौधा लगाकर अभियान में सहभागिता निभाई।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रकृति और मानव जीवन का संबंध अभिन्न है। अनियंत्रित वृक्ष कटाई और पर्यावरणीय असंतुलन पूरी मानवता के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। ऐसे समय में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किया गया ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में एक प्रेरक और भावनात्मक पहल है।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गत वर्ष प्रदेश में ढाई करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन जनसहभागिता और विभागीय प्रयासों से साढ़े तीन करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस वर्ष भी प्रदेशवासी निर्धारित लक्ष्य से कहीं अधिक पौधारोपण कर नया कीर्तिमान स्थापित करेंगे।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश के उन राज्यों में शामिल है जहां लगभग 44 प्रतिशत भू-भाग वनाच्छादित है। राज्य सरकार और वन विभाग के सतत प्रयासों से वन क्षेत्र का संरक्षण और विस्तार निरंतर जारी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपने घर, खेत, आंगन और मेड़ों में अपनी माता के नाम एक पौधा लगाने का आग्रह करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है।

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मुख्यमंत्री ने आदिवासी समाज की प्रकृति संरक्षण परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जनजातीय समुदाय सदियों से जंगलों को अपनी संस्कृति और जीवन का अभिन्न हिस्सा मानकर उनकी रक्षा करता आया है। सरना स्थलों में वृक्षों को देवतुल्य मानकर पूजा जाना प्रकृति के प्रति हमारी सांस्कृतिक आस्था और संरक्षण की भावना का जीवंत उदाहरण है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने समाज सेवा एवं जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पद्मश्री सम्मानित व्यक्तित्व श्री पंडी राम मंडावी, श्री जागेश्वर यादव तथा डॉ. रामचंद्र गोडबोले का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि इन विभूतियों का जीवन समाजसेवा, समर्पण और जनहित का प्रेरणादायी उदाहरण है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा प्रकाशित पुस्तकों—‘द बैगा’, ‘वेटलैंड्स ऑफ छत्तीसगढ़’, ‘फ्लोरल डायवर्सिटी ऑफ बीजापुर डिवीजन’, ‘मैमल्स ऑफ छत्तीसगढ़’ तथा ‘उत्तरी छत्तीसगढ़ के अनूठे पर्यटन स्थल और उनकी विविधता’—का विमोचन भी किया।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान प्रकृति और मातृत्व के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक अनूठा माध्यम है। उन्होंने प्रदेशवासियों से इस अभियान को जन-जन का आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने बिलासपुर जिले के कोपरा जलाशय को रामसर साइट का दर्जा मिलने पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए इसे छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।

कार्यक्रम में भानुप्रतापपुर विकासखंड के ग्राम सिलीबहार की सुश्री चन्दनबती कोला ने स्व-सहायता समूहों द्वारा जंगल संरक्षण और जैविक खेती के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि गांव में 138 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक एवं जैविक खेती की जा रही है, जिससे युवाओं का पलायन पूरी तरह रुक गया है तथा पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा मिली है।

कार्यक्रम को अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री अरुण कुमार पाण्डेय ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा, आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परम्परा एवं औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला, विधायक श्री मोतीलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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