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बिलासपुर वृत में भ्रष्टाचार का खुला खेल — एक रेंजर की जुबान से ही सुनिए, लेन देन की कहानी____

बिलासपुर वृत में भ्रष्टाचार का खुला खेल — एक रेंजर की जुबान से ही सुनिए, लेन देन की कहानी____

रायपुर_:वन विभाग में एक बार फिर से भ्रष्टाचार और प्रभावशाली अधिकारियों की मनमानी का बड़ा मामला उजागर हुआ है। निलंबित अधिकारी को कुछ ही दिनों में बहाल कर देने और विवादित अधिकारियों की मनचाही पोस्टिंग ने पूरे विभाग में हड़कंप मचा दिया है।

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सूत्रों के अनुसार, सीसीएफ (मुख्य वन संरक्षक) ने हाल ही में मनीष श्रीवास्तव, उप वन क्षेत्रपाल, जिन्हें उन्होंने स्वयं 10 दिन पहले निलंबित किया था, को अचानक बहाल कर मार टाइगर रिजर्व में पदस्थ कर दिया। बताया जा रहा है कि इस बहाली के पीछे भारी आर्थिक लेन-देन की भूमिका रही है।

इसी तरह, मान सिंह श्याम, वन क्षेत्रपाल रेजर, जिनके विरुद्ध पीसीसीएफ को स्थानांतरण और कार्रवाई हेतु पत्र भेजा गया था, उन्हें भी नियमों की अनदेखी करते हुए मरवाही वनमंडल में उड़नदस्ता प्रभारी के पद पर पोस्टिंग दे दी गई।विभागीय सूत्रों का कहना है कि इन दोनों पदस्थापनों में पैसे और दबाव का खुला खेल हुआ है। इससे ईमानदार कर्मचारियों में असंतोष व्याप्त है और विभाग की साख पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लग गया है।

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स्थानीय वनकर्मी और सामाजिक संगठनों का कहना है कि “जब सीसीएफ स्वयं निलंबन आदेश जारी करते हैं, तो केवल एक सप्ताह में उन्हीं अधिकारियों को बहाल कर देना विभागीय नियमों की खुली अवहेलना है।”

जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच माननीय वनमंत्री और पीसीसीएफ महोदय के निर्देशन में कराई जाए तथा सीसीएफ सहित संबंधित अधिकारियों पर ई.ओ.डब्ल्यू. (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) से जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए।

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