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जनता के प्रचंड विश्वास के सामने विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव निष्प्रभावी : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

*जनता के प्रचंड विश्वास के सामने विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव निष्प्रभावी : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

*70 लाख माताओं का आशीर्वाद और किसानों का विश्वास हमारी सरकार की शक्ति : मुख्यमंत्री श्री साय*

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*विपक्ष का आरोप पत्र तथ्यहीन, हमारी ढाई साल की उपलब्धियां ही उसका जवाब : मुख्यमंत्री*

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*विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव महज औपचारिकता, इसमें न तथ्य हैं और न दम : मुख्यमंत्री*

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रायपुर, 18 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष द्वारा प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव पर करारा पलटवार करते हुए कहा कि यह प्रस्ताव सरकार के विरुद्ध नहीं, बल्कि प्रदेश की तीन करोड़ जनता द्वारा दिए गए जनादेश, किसानों के विश्वास, माताओं-बहनों के आशीर्वाद और गरीबों के अधिकारों के विरुद्ध है। जनता के प्रचंड विश्वास और सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धियों के सामने विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव पूरी तरह तथ्यहीन, दिशाहीन और निष्प्रभावी सिद्ध हुआ है।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वे पक्ष और विपक्ष के सभी सदस्यों की बातें प्रारंभ से सुन रहे हैं और सत्ता पक्ष के सदस्यों ने तथ्यों तथा आंकड़ों के आधार पर विपक्ष के प्रत्येक आरोप का प्रभावी उत्तर दिया है। विपक्ष द्वारा प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव महज एक औपचारिकता है, जिसमें न कोई ठोस तथ्य है, न विश्वसनीय आधार और न ही कोई दम है।

 

मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि आखिर यह अविश्वास प्रस्ताव किसके विरुद्ध लाया गया है। क्या यह वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को 54 सीटें देकर सरकार बनाने वाली छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता के विरुद्ध है? क्या यह लोकसभा चुनाव में प्रदेश की 11 में से 10 सीटों पर भाजपा को विजय दिलाने वाले मतदाताओं के विरुद्ध है? अथवा सभी नगर निगमों और 70 प्रतिशत से अधिक नगर पालिकाओं तथा नगर पंचायतों में भाजपा को जनादेश देने वाली जनता के प्रति अविश्वास है?

उन्होंने कहा कि विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव उन किसानों के विरुद्ध भी प्रतीत होता है, जिन्हें हमारी सरकार 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान का मूल्य दे रही है। इस वर्ष राज्य सरकार ने 144 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की और अंतर की राशि किसानों के खातों में एकमुश्त अंतरित की। पिछली सरकार किसानों को राशि के लिए पूरे वर्ष इंतजार कराती थी और चार किश्तों में भुगतान करने के बाद भी अंतिम किश्त तक नहीं दे पाई।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने सत्ता संभालने के केवल 12 दिनों के भीतर 13 लाख किसानों को दो वर्षों का बकाया 3716 करोड़ रुपये का धान बोनस प्रदान किया। यह बोनस पूर्ववर्ती सरकार के जनघोषणा पत्र में शामिल होने के बावजूद पांच वर्षों तक किसानों को नहीं दिया गया था। भाजपा सरकार ने किसानों का वर्षों पुराना अधिकार उन्हें तत्काल लौटाया।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश की लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रत्येक महीने के प्रथम सप्ताह में आर्थिक सहायता दी जा रही है। अब तक 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है। पूर्ववर्ती सरकार ने महिलाओं को 500 रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया था, लेकिन पांच वर्षों में एक रुपया भी नहीं दिया। उन्होंने कहा कि जिस सरकार के साथ 70 लाख माताओं-बहनों का आशीर्वाद हो, उसका विपक्ष के तथ्यहीन आरोप कुछ नहीं बिगाड़ सकते।

 

मुख्यमंत्री ने शास्त्रों की उक्ति—“सत्यमेव जयते नानृतं, सत्येन पन्था विततो देवयानः” का उल्लेख करते हुए कहा कि सत्य की हमेशा विजय होती है। सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं हो सकता। विपक्ष कितना भी भ्रम और असत्य फैलाने का प्रयास कर ले, प्रदेश की जनता सच्चाई और सरकार के कार्यों को भलीभांति जानती है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि असत्य बोलने और भ्रष्टाचार करने में पीएचडी होती, तो विपक्ष में बैठे कई लोग उसके विशेषज्ञ होते।

श्री साय ने कहा कि शायद विपक्ष को यह स्वीकार नहीं हो पा रहा है कि एक छोटे से गांव के आदिवासी किसान का बेटा आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री पद पर बैठकर प्रदेश की सेवा कर रहा है। कांग्रेस ने अनुसूचित जनजाति और आदिवासी समाज का दशकों तक केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने आदिवासी समाज को वास्तविक सम्मान, अधिकार और विकास के अवसर दिए।

उन्होंने कहा कि श्रद्धेय भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने आदिवासियों के समग्र विकास के लिए केंद्र में अलग जनजातीय कार्य मंत्रालय बनाया। आज आदिवासी समाज की बेटी श्रीमती द्रौपदी मुर्मु देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद राष्ट्रपति के रूप में विराजमान हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कोरवा, बिरहोर, कमार, बैगा और अबूझमाड़िया जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन में बदलाव लाने के लिए हमारी सरकार पूरी संवेदनशीलता से कार्य कर रही है। कांग्रेस ने लंबे शासनकाल के बावजूद इन समुदायों की बुनियादी आवश्यकताओं और विकास की चिंता नहीं की।

श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण का ऐतिहासिक कार्य भी श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने किया। वर्ष 2003 में भाजपा सरकार बनने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मजबूत सार्वजनिक वितरण प्रणाली लागू की, जिसकी पूरे देश में सराहना हुई। इसी संवेदनशील व्यवस्था के कारण वे जन-जन में “चाउर वाले बाबा” के नाम से लोकप्रिय हुए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2018 में प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को बड़ा जनादेश दिया था, लेकिन पांच वर्ष का पूरा कार्यकाल ढाई-ढाई वर्ष की कुर्सी की खींचतान में निकल गया। कांग्रेस ने अपने जनघोषणा पत्र के 36 वादों में से एक भी वादा शत-प्रतिशत पूरा नहीं किया। उसके शासन में प्रदेश में यह धारणा बन गई थी कि कोई ऐसा वर्ग नहीं बचा, जिसे कांग्रेस सरकार ने ठगा न हो।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के चुनाव में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की जनता को जो वचन दिए, उन्हें “मोदी की गारंटी” का नाम दिया गया। मोदी की गारंटी का अर्थ है—गारंटी पूरी होने की गारंटी। हमारी सरकार ने मात्र ढाई वर्षों में अपने अधिकांश प्रमुख वादों को धरातल पर उतार दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने राजनीतिक दुर्भावना के कारण 18 लाख गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास से वंचित रखा। केंद्र सरकार के बार-बार आग्रह और पत्राचार के बावजूद गरीबों के मकान स्वीकृत नहीं किए गए। हमारी सरकार ने 13 दिसंबर 2023 को शपथ लेने के अगले ही दिन, 14 दिसंबर को आयोजित पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को स्वीकृति प्रदान की।

उन्होंने बताया कि बीते ढाई वर्षों में 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण हो चुके हैं और वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 1600 मकान बनाए जा रहे हैं। सरकार पूर्ववर्ती शासन द्वारा छोड़े गए अधूरे कार्यों को भी बिना किसी भेदभाव के पूरा कर रही है। गरीबों के सिर पर पक्की छत देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार की ढाई वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धि नक्सलवाद की समाप्ति है। कभी ऐसा प्रतीत होता था कि इस समस्या का समाधान संभव नहीं होगा, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन तथा सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से छत्तीसगढ़ नक्सलवाद के अभिशाप से मुक्त हुआ है।

उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने केंद्र के साथ आवश्यक समन्वय नहीं किया, जिसके कारण देश में बचा अधिकांश नक्सलवाद छत्तीसगढ़ में केंद्रित रहा। हमारी सरकार ने सुरक्षा और विकास की समन्वित रणनीति अपनाई। अब बस्तर में शांति लौट रही है और विकास की नई शुरुआत हुई है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने बस्तर संभाग को देश का सर्वश्रेष्ठ आदिवासी संभाग बनाने का संकल्प व्यक्त किया है और राज्य सरकार इस दिशा में तेजी से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के माध्यम से 5 लाख 60 हजार से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष एकमुश्त 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। सरकार लगातार दो वर्षों से इस योजना का लाभ प्रदान कर रही है।

किसानों के लिए खाद की उपलब्धता पर मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष प्रदेश में 15.55 लाख मीट्रिक टन खाद के लक्ष्य के विरुद्ध 13.16 लाख मीट्रिक टन का भंडारण किया गया है। अब तक 7.27 लाख मीट्रिक टन खाद किसानों को वितरित किया जा चुका है। राज्य की मांग पर केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने अतिरिक्त 50 हजार मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध कराया है।

सिंचाई क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने पांच वर्षों में केवल 9667 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता बढ़ाई थी, जबकि हमारी सरकार ने ढाई वर्ष में 19 हजार 500 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का विस्तार किया है। कांग्रेस शासन में पांच वर्षों में सिंचाई योजनाओं के लिए 5794 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई, जबकि वर्तमान सरकार ने ढाई वर्ष में ही 11 हजार 107 करोड़ रुपये की योजनाएं स्वीकृत की हैं। सिंचाई के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को लगातार दो वर्षों में उत्कृष्ट राज्य का पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत—जी राम जी योजना प्रदेश में 1 जुलाई से लागू हो चुकी है। ग्रामीण रोजगार का बजट 4 हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 6 हजार करोड़ रुपये किया गया है। योजना में 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों के रोजगार की गारंटी और 15 दिनों के भीतर मजदूरी भुगतान का प्रावधान है। निर्धारित समय पर मजदूरी नहीं मिलने पर श्रमिकों को क्षतिपूर्ति भी दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की 6 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू किए जा चुके हैं। इन केंद्रों में ग्रामीणों को आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र सहित अनेक शासकीय सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। एक लाख रुपये तक का बैंकिंग लेन-देन भी गांव में ही संभव हो रहा है।

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए देश के पांच प्रमुख हवाई अड्डों पर शोरूम खोले जाएंगे। इसके लिए राज्य बजट में प्रावधान किया गया है। इससे प्रदेश के शिल्पकारों, स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों की आय बढ़ेगी।

 

महिला सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के अतिरिक्त रेडी-टू-ईट पोषण आहार निर्माण का कार्य फिर से महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपा जा रहा है। कुछ जिलों में इसकी शुरुआत हो चुकी है। पूर्ववर्ती सरकार ने महिलाओं से यह रोजगार छीनकर निजी हाथों में दे दिया था।

 

उन्होंने बताया कि प्रदेश की 10 लाख 40 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को प्रोत्साहित करने के लिए स्टाम्प शुल्क एवं पंजीयन शुल्क में बड़ी रियायत दी जा रही है। ये निर्णय महिलाओं को केवल सहायता प्राप्त करने वाली हितग्राही नहीं, बल्कि संपत्ति की स्वामी और आर्थिक निर्णयों की भागीदार बना रहे हैं।

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि पिछली सरकार में शराब दुकानों में दो-दो कैश काउंटर चलने की चर्चा पूरे प्रदेश में थी। एक काउंटर का पैसा सरकारी खजाने में जाता था और दूसरे काउंटर की राशि कहां जाती थी, यह प्रदेश की जनता जानती है। पिछली सरकार छत्तीसगढ़ के विकास के बजाय दिल्ली दरबार के लिए एटीएम बनकर रह गई थी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता 50 सीटों से बढ़ाकर 200 सीट कर दी गई है। यह प्रदेश के लिए गौरव का विषय है कि इस वर्ष इसी छात्रावास के 13 युवाओं ने संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है। आदिवासी युवाओं को देश की सर्वोच्च सेवाओं तक पहुंचाने के लिए सरकार हर संभव संसाधन उपलब्ध करा रही है।

कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि डायल-112 नेक्स्ट जेन सेवा का विस्तार 16 जिलों से बढ़ाकर सभी 33 जिलों में किया गया है। साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए ढाई वर्षों में 9 साइबर थाने खोले गए हैं और 5 नए साइबर थाने प्रारंभ किए जाएंगे। इसके विपरीत पिछली सरकार पांच वर्षों में केवल पांच साइबर थाने खोल पाई थी।

युवाओं के रोजगार और पारदर्शी भर्ती के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया गया है। तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के समान पदों के लिए सात श्रेणियों में संयुक्त भर्ती परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। भर्ती परीक्षाएं अब नियमित रूप से हर वर्ष होंगी, जिससे युवाओं में व्यवस्था के प्रति विश्वास और उत्साह बढ़ेगा।

उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार के पांच वर्षों में पुलिस विभाग में 4174 पदों पर भर्ती की गई थी, जबकि वर्तमान सरकार ढाई वर्षों में ही 7 हजार युवाओं की भर्ती कर चुकी है। आने वाले समय में पुलिस विभाग के 7 हजार अतिरिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। पीएससी घोटाले की जांच सीबीआई कर रही है और प्रकरण के दोषी जेल में हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम सेतु योजना के अंतर्गत प्रदेश के 30 आईटीआई का उन्नयन किया जा रहा है। इसके लिए छह क्लस्टर बनाए गए हैं और प्रत्येक क्लस्टर में लगभग 241 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इससे युवाओं को आधुनिक उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

श्री साय ने बताया कि प्रदेश में निफ्ट, नाइलिट और फोरेंसिक यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं। पिछली सरकार के पांच वर्षों में केवल 8673 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया था, जबकि वर्तमान सरकार के ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत 22 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है।

औद्योगिक विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वस्त्र उद्योग के माध्यम से 42 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर चिप संयंत्र का कार्य प्रारंभ हो चुका है। ऊर्जा क्षेत्र में तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। आने वाले वर्षों में प्रदेश में 30 हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, जिससे छत्तीसगढ़ ऊर्जा क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेशवासियों को रियायती बिजली से मुफ्त बिजली की ओर ले जा रही है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 70 हजार से अधिक घरों में सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं और प्रतिदिन 500 से अधिक घर इस योजना से जुड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने पांच वर्षों में 78 हजार 898 सिंचाई पंपों का ऊर्जीकरण किया था, जबकि वर्तमान सरकार ने ढाई वर्षों में ही 1 लाख 2 हजार 845 पंपों का ऊर्जीकरण कर किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया है। किसानों को दी जाने वाली बिजली सब्सिडी 9145 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 14 हजार 198 करोड़ रुपये की गई है। यह अन्नदाताओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।

 

मुख्यमंत्री ने जिला खनिज संस्थान न्यास निधि में पूर्ववर्ती सरकार के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने खनन प्रभावित क्षेत्रों और वहां रहने वाले लोगों के विकास के लिए डीएमएफ की व्यवस्था बनाई थी, लेकिन पिछली सरकार के समय इस जनकल्याणकारी निधि को भी कमीशनखोरी का माध्यम बना दिया गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार सेवा, सुशासन, सुरक्षा और विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। किसान, गरीब, युवा, महिला, आदिवासी और श्रमिक सहित समाज के प्रत्येक वर्ग का विश्वास सरकार के साथ है। विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव प्रदेश की जनता द्वारा बार-बार दिए गए प्रचंड जनादेश और सरकार की उपलब्धियों को नकारने का असफल प्रयास है।

उन्होंने कहा कि जनता ने वर्ष 2023 में कांग्रेस सरकार के विश्वासघात और कुशासन का हिसाब कर उसे सत्ता से उखाड़ फेंका। अब वही विपक्ष तथ्यहीन आरोपों के सहारे अपनी राजनीतिक जमीन तलाश रहा है। छत्तीसगढ़ की जनता भ्रम और असत्य की राजनीति को पहचान चुकी है। सत्य, विकास और जनविश्वास के मार्ग पर चलते हुए हमारी सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प अवश्य पूरा करेगी।

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