
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में पंचायत घोटाला! सरपंच-सचिव पर फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई गुहार – “कागजों में विकास, जमीन पर शून्य काम”

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही: जिले के ग्राम पंचायत मुरमुर जनपद पंचायत पेंड्रा में विकास कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को शिकायत सौंपते हुए सरपंच, सचिव, जनपद सदस्य, रोजगार सहायक और पंचायत ऑपरेटर पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, सरपंच जयलाल सिंह कंवर, सचिव आधार सिंह भानु, जनपद सदस्य राजमती नागेश और रोजगार सहायक कमल किशोर साहू की मिलीभगत से शासकीय योजनाओं की राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है। आरोप है कि पदभार ग्रहण किए करीब एक वर्ष बीत जाने के बावजूद गांव में कोई ठोस विकास कार्य नहीं हुआ, जबकि कागजों में कई योजनाएं पूरी दिखाकर राशि निकाल ली गई। ग्रामीणों ने बताया कि अब तक केवल एक सीसी रोड निर्माण का कार्य दिखाया गया है, जबकि अन्य सभी कार्य सिर्फ दस्तावेजों में ही सीमित हैं। इसके बावजूद लाखों रुपए की राशि आहरित कर ली गई है।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि सचिव नियमित रूप से पंचायत भवन में उपस्थित नहीं रहते और अपने कर्तव्यों की अनदेखी कर रहे हैं। पंचों के फर्जी हस्ताक्षर कराकर भुगतान निकालने का गंभीर आरोप भी लगाया गया है, जिसमें सरपंच की संलिप्तता बताई जा रही है।
वहीं रोजगार सहायक पर आरोप है कि मनरेगा कार्यों में फर्जी मास्टररोल तैयार कर ऐसे लोगों के नाम दर्ज किए जा रहे हैं जो काम नहीं करते, बल्कि सिर्फ उपस्थिति दर्ज कर आधी मजदूरी वापस ले ली जाती है।

ग्रामीणों ने पूर्व सरपंच राजमती भानु पर भी शासकीय राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए पुराने मामलों की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि इस पूरे मामले की शिकायत कई बार जनपद पंचायत और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पेंड्रारोड से की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अब ग्रामीणों ने कलेक्टर से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो मामला और गरमाने की आशंका जताई जा रही है।















