
डाइट पेंड्रा का निःशुल्क कोचिंग सेंटर बना छात्रों के लिए उम्मीद की किरण, 200 से अधिक छात्र-छात्राएं ले रहे लाभ
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।जिले में शिक्षा को नई दिशा देने की पहल के तहत डाइट पेंड्रा प्रशिक्षण संस्थान में प्राचार्य जेपी पुष्प के मार्गदर्शन में संचालित निःशुल्क कोचिंग सेंटर विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित हो रहा है। यह पहल विशेष रूप से उन छात्रों के लिए राहत लेकर आई है जो आर्थिक कारणों से महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाते।


इस कोचिंग सेंटर में वर्तमान में करीब 200 से अधिक छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं, जो नियमित रूप से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। यहां व्यापम (Vyapam) की परीक्षाओं के साथ-साथ डीएड, बीएड, सीजी TET एंव अन्य व्यापम जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं के लिए सुनियोजित तरीके से मार्गदर्शन दिया जा रहा है।

संस्थान में अनुभवी शिक्षकों द्वारा विषयवार कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, जहां विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के साथ-साथ परीक्षा पैटर्न, मॉडल प्रश्नपत्र, समय प्रबंधन और उत्तर लेखन की विशेष तकनीकों की भी जानकारी दी जाती है। इसके अलावा नियमित टेस्ट और मूल्यांकन के माध्यम से छात्रों की प्रगति पर नजर रखी जा रही है, जिससे वे अपनी कमजोरियों को समय रहते सुधार सकें। इस पहल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह निःशुल्क है, जिससे समाज के हर वर्ग के छात्र-छात्राएं बिना किसी आर्थिक दबाव के अपनी तैयारी जारी रख सकते हैं। ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए यह कोचिंग सेंटर किसी सुनहरे अवसर से कम नहीं है।
प्राचार्य जेपी पुष्प ने बताया कि संस्थान का उद्देश्य केवल परीक्षा में सफलता दिलाना ही नहीं, बल्कि छात्रों में आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जो युवाओं के भविष्य को संवार सकती है और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।

संस्थान प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो भी इच्छुक छात्र-छात्राएं अभी तक इस पहल से नहीं जुड़ पाए हैं, वे किसी भी समय आकर अपना पंजीयन करवा सकते हैं और इस निःशुल्क कोचिंग सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे शिक्षा के क्षेत्र में एक अनुकरणीय कदम बताया है। उनका मानना है कि इस तरह की पहल से न केवल छात्रों का भविष्य उज्ज्वल होगा, बल्कि जिले का शैक्षणिक स्तर भी मजबूत होगा।















