पसान गैस एजेंसी पर कालाबाजारी का आरोप, आक्रोशित ग्रामीणों ने कलेक्टर से की शिकायत

कोरबा (छत्तीसगढ़)। जिले के पसान क्षेत्र में रसोई गैस वितरण में चल रही धांधली को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ‘पसान इंडेन ग्रामीण गैस एजेंसी’ पर कालाबाजारी और उपभोक्ताओं के शोषण का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अवैध भंडारण और अधिक वसूली का खेल :-

कलेक्टर को सौंपे गए शिकायत पत्र में ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि एजेंसी संचालक द्वारा गैस सिलेंडरों की कृत्रिम किल्लत पैदा की जा रही है। जब उपभोक्ता गैस लेने पहुंचते हैं, तो उन्हें ‘स्टॉक खत्म’ होने का बहाना बनाकर लौटा दिया जाता है, जबकि वही सिलेंडर पिछले दरवाजे से ऊंचे दामों पर बाजार में बेचे जा रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि एजेंसी संचालक ने पकड़े जाने के डर से सिलेंडरों को मुख्य गोदाम के बजाय अन्य गुप्त स्थानों पर अवैध रूप से स्टॉक कर रखा है।
विरोध करने पर अभद्र व्यवहार :-

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि निर्धारित सरकारी दर से अधिक कीमत वसूली जा रही है। यदि कोई उपभोक्ता इसका विरोध करता है या नियमों का हवाला देता है, तो एजेंसी के कर्मचारियों और संचालक द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की जाती है। इस मनमानी से पूरे क्षेत्र के उपभोक्ता त्रस्त हैं।
खाद्य विभाग की भूमिका पर सवाल :-

ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर पहले भी फूड इंस्पेक्टर (खाद्य निरीक्षक) से शिकायत की गई थी, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की इसी ढिलाई के कारण एजेंसी संचालक के हौसले बुलंद हैं।
निष्पक्ष जांच की मांग :-
हस्ताक्षर युक्त शिकायत पत्र के माध्यम से ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि एजेंसी के स्टॉक की आकस्मिक जांच की जाए और कालाबाजारी रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई और उचित दर पर गैस की आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।














