बोर्ड रिजल्ट पर सम्मान, फिर फूटा शिक्षकों का दर्द: “सर्विस बुक से लेकर GPF तक सब लंबित”, फेडरेशन ने DEO के सामने खोला मोर्चा

बोर्ड रिजल्ट पर सम्मान, फिर फूटा शिक्षकों का दर्द: “सर्विस बुक से लेकर GPF तक सब लंबित”, फेडरेशन ने DEO के सामने खोला मोर्चा
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।जिले में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के बेहतर परिणाम पर जिला शिक्षा विभाग जहां वाहवाही बटोर रहा है, वहीं दूसरी ओर वर्षों से लंबित शिक्षकीय समस्याओं ने एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ने जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी से सौजन्य मुलाकात कर एक ओर बोर्ड परीक्षा में बेहतर परिणाम के लिए सम्मान और साधुवाद दिया, तो दूसरी ओर शिक्षकों की गंभीर और लंबे समय से उपेक्षित समस्याओं को लेकर तीखा ज्ञापन सौंपते हुए त्वरित समाधान की मांग कर डाली।

फेडरेशन पदाधिकारियों ने साफ कहा कि जिले में वर्षों से शिक्षकों की सर्विस बुक और GPF पासबुक का संधारण नहीं हुआ है। कई शिक्षक ऐसे हैं जिनकी सेवा संबंधी जानकारी अधूरी पड़ी है, जिससे वेतन, पेंशन और अन्य आर्थिक मामलों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी खराब बताई गई कि सेवानिवृत्त शिक्षकों को महीनों तक अपने ही स्वत्वों के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जबकि दिवंगत शिक्षकों के परिवार भी भुगतान के लिए भटकने को मजबूर हैं।
फेडरेशन जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार राठौर ने जिला शिक्षा अधिकारी के सामने कड़ा पक्ष रखते हुए कहा कि शिक्षा विभाग में स्थानीय स्तर पर वर्षों से कई मूलभूत प्रशासनिक कार्य लंबित पड़े हैं। शिक्षकों के लंबित देयकों का भुगतान नहीं होना, GPF पासबुक अपडेट नहीं होना और सेवा पुस्तिका का सही संधारण न होना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर रिकॉर्ड संधारित नहीं होंगे तो भविष्य में शिक्षकों को आर्थिक और सेवा संबंधी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

ज्ञापन में मांग की गई कि जिले के तीनों ब्लॉकों—गौरेला, पेंड्रा और मरवाही—में विशेष शिविर लगाकर शिक्षकों की समस्याओं का मौके पर निराकरण किया जाए। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने जून माह में शिक्षा शिविर आयोजित कराने का आश्वासन दिया। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 1 जून को गौरेला, 6 जून को पेंड्रा और 10 जून को मरवाही में शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां सर्विस बुक, GPF पासबुक, लंबित भुगतान और सेवानिवृत्त शिक्षकों के मामलों का निराकरण किया जाएगा।
DEO रजनीश तिवारी ने भरोसा दिलाया कि सेवानिवृत्त और दिवंगत शिक्षकों के लंबित मामलों में भी शीघ्र कार्रवाई की जाएगी और अनावश्यक देरी पर संबंधित स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी। हालांकि शिक्षकों का कहना है कि आश्वासन पहले भी मिलते रहे हैं, लेकिन अब वे जमीनी कार्रवाई चाहते हैं।

फेडरेशन ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में संगठन आंदोलन की रणनीति भी बना सकता है। शिक्षकों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले शिक्षक यदि अपने ही अधिकारों और देयकों के लिए संघर्ष करने को मजबूर होंगे, तो इसका असर पूरे शिक्षा तंत्र पर पड़ेगा।
इस दौरान जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार राठौर, जिला महासचिव ओमप्रकाश सोनवानी, अजय चौधरी, बलराम तिवारी, विनय राठौर, ब्लॉक अध्यक्ष गौरेला अमिताभ चटर्जी, ब्लॉक अध्यक्ष पेंड्रा कन्हैयालाल सोनवानी, हेमंत राठौर, त्रिभुवनदास गोयल, भागीरथी कैवर्त सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।












