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अनुशासन और मेहनत से चमक रही रेलवे बॉक्सिंग टीम — झूठी साजिशों के बीच सफलता की उड़ान

अनुशासन और मेहनत से चमक रही रेलवे बॉक्सिंग टीम — झूठी साजिशों के बीच सफलता की उड़ान

बिलासपुर।आज मोबाइल और इंटरनेट के इस आधुनिक युग में जब बच्चों को मैदान तक लाना और खेलों से जोड़ना अभिभावकों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है, वहीं साउथ ईस्टर्न सेंट्रल रेलवे ने खेलों को बढ़ावा देने के क्षेत्र में एक मिसाल कायम की है। रेलवे न केवल अपने खिलाड़ियों को बल्कि शहर के बच्चों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएँ उपलब्ध करा रहा है।रेलवे द्वारा निर्मित विभिन्न खेल मैदानों में से रेलवे बॉक्सिंग ग्राउंड आज बिलासपुर के खेल प्रेमियों के लिए गर्व का केंद्र बन गया है। इस ग्राउंड में 5 वर्ष से लेकर 20 वर्ष तक के बच्चों को बॉक्सिंग की बारीकियाँ सिखाई जा रही हैं। प्रशिक्षक एवं रेलवे के कोचों की मेहनत से यह मैदान प्रदेश में उत्कृष्ट प्रदर्शन का पर्याय बन चुका है।

हाल ही में इसी ग्राउंड पर आयोजित 17वीं राज्य स्तरीय सब-जूनियर बॉक्सिंग प्रतियोगिता में प्रदेशभर से आए खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया था। आयोजन की सफलता और खिलाड़ियों के उम्दा प्रदर्शन से पूरे शहर में रेलवे बॉक्सिंग क्लब की चर्चा रही।हालांकि, इसी बीच एक विवाद भी उभरकर सामने आया — जिसमें रेलवे के एक पूर्व कोच द्वारा निजी पार्टी की तस्वीरों को “रेलवे बॉक्सिंग रिंग” की तस्वीर बताकर सोशल मीडिया और कुछ प्रिंट मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भ्रामक प्रचार किया गया। सूत्रों के अनुसार, यह प्रयास रेलवे के वर्तमान कोच और प्रशासन की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से किया गया।हमारे संवाददाता ने इस प्रकरण की सच्चाई जानने के लिए बॉक्सिंग ग्राउंड में प्रशिक्षण ले रहे बच्चों के अभिभावकों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों से क्लब में अत्यंत अनुशासित और सुरक्षित वातावरण में प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप बिलासपुर के बच्चे राष्ट्रीय स्तर पर नाम कमा रहे हैं।रेलवे बॉक्सिंग ग्राउंड ने बीते दो वर्षों में निम्नलिखित उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं—

खेलो इंडिया: 1 ब्रॉन्ज मेडल

सब जूनियर ओपन स्टेट: 5 गोल्ड मेडल

स्कूल स्टेट (CGBSE): 4 गोल्ड, 1 ब्रॉन्ज

CBSE नेशनल स्कूल गेम्स: 1 ब्रॉन्ज मेडल

CBSE क्लस्टर गेम्स: 2 गोल्ड, 2 सिल्वर, 1 ब्रॉन्ज

ऑल इंडिया गोरखा कप: 1 ब्रॉन्ज मेडल

इन उपलब्धियों ने रेलवे बॉक्सिंग को प्रदेश ही नहीं, देश के मानचित्र पर भी स्थापित कर दिया है।

अभिभावकों और खिलाड़ियों ने एक स्वर में रेल प्रशासन से अपील की है कि वे ऐसे झूठे और दुर्भावनापूर्ण प्रचारों को नजरअंदाज करते हुए बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए सहयोग बनाए रखें। उन्होंने कहा, “हमारा सपना है कि बिलासपुर से भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के बॉक्सर निकलें, जो न केवल शहर और प्रदेश बल्कि रेलवे का भी नाम रोशन करें।”

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