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वन्य रक्षक देखें कैसे बन रहे भक्षक जंगली सूअर मामले में पसान रेंजर ने जांच रिपोर्ट 2 महीने तक दबाए ऐसे हुआ मामले का पर्दाफाश।

पसान,कोरबा = कटघोरा वन मंडल के पसान रेंज में पौधारोपण घोटले की जांच चल रही है। अब जंगली सुअर का शिकार मामले में पसान चर्चा में आ गया है। पसान रेंजर ने 2 महीने तक जांच रिपोर्ट दबाए रखी। इस में जंगली सूअर का शिकार करने और वनरक्षक ने इसके बदले हर व्यक्ति से 4500 रुपए लेने का जिक्र है। मामले की अभी पाली एसडीओ चंद्रकांत टिकरिया जांच कर रहे हैं। पसान रेंज के कर्री परिसर के कक्ष क्रमांक बी 665 में स्थित सूखा तालाब में 15-20 ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से जंगली सूअर का शिकार किया था। 20 मई शाम 5 बजे गांव के लल्लन मरावी, भरत मरावी और बुधराम मराबी के नाम का पता चला। इस पर परिक्षेत्र सहायक लैंगा ने लल्लन मरावी के घर जाकर पूछताछ की तो इसका खुलासा हुआ। उन्होंने इसका वीडियों भी बनाया है। इसमें

पता चला कि वनरक्षक रामवतार मरकाम ने बुधराम मरावी के घर जाकर जंगली सुआअर की सब्जी को नाटकीय तरीके से जब्त किया था। इसके बाद हर व्यक्ति से 4500 रुपए लेकर आरोपियों को छोड़ दिया। उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट 31 मई को रेंजर को सौंपी थी, लेकिन रेंजर ने कोई कार्रवाई नहीं की। डीएफओ कुमार निशांत तक मामला पहुंचने पर पाली एसडीओ चंद्रकांत टिकरिया को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। वे गांव पहुंच कर प्रमीणों का बयान भी दर्ज कर चुके हैं। अभी मामले में जांच चल रही है। यह भी बताया जा रहा है कि वनरक्षक ने बचने के लिए रूपए की मांग की। कई ग्रामीणों ने बकरी बेच कर वनरक्षक को पैसे दिए। ग्रामीणों से करीब एक लाख रुपए वसूली करने की भी चर्चा है। यह भी बताया जाता है कि क्षेत्र में और भी वन्य प्राणियों का शिकार हो चुका है, लेकिन किसी भी मामले में कार्रवाई नहीं की गई।रेंजर और बिट गार्ड पर बड़ी कार्यवाही की गाज गिर सकता हैं।

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