बिलासपुर जिला अस्पताल में ‘खर्चापानी’ की शर्मनाक मांग निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा के नाम पर खुली लूट?

जीशान अंसारी की रिपोर्ट, बिलासपुर : जिला अस्पताल से सामने आया यह मामला स्वास्थ्य व्यवस्था के मुंह पर करारा तमाचा है। डिलीवरी के बाद ‘रिवाज’ और ‘खर्चापानी’ के नाम पर पैसे मांगने का वायरल वीडियो सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि सिस्टम में फैली सड़ांध का आईना है। जहां सरकार निःशुल्क प्रसव सेवाओं के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं ज़मीनी हकीकत में गरीबों की जेब पर सीधा डाका डाला जा रहा है। वायरल वीडियो में कथित महिला स्टाफ खुलेआम परिजनों से रकम मांगती नजर आती है बिना किसी शर्म, बिना किसी डर के। सवाल सीधा है: जब सरकारी अस्पताल में डिलीवरी पूरी तरह मुफ्त है, तो यह ‘खर्चापानी’ किस कानून, किस नियम, किस नैतिकता के तहत वसूला जा रहा है? आरोप और भी गंभीर हैं सक्षम परिवारों से तो “सौदेबाजी” आसान, लेकिन गरीब और मजबूर परिवारों पर दबाव, डर और मजबूरी की राजनीति। यह सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं का नंगा अपमान है। स्वास्थ्य विभाग की “जांच होगी” वाली रस्मी बयानबाजी अब जनता के गले नहीं उतरती। सवाल यह नहीं कि वीडियो की जांच होगी या नहीं सवाल यह है कि दोषियों पर कब, कैसे और कितनी सख्त कार्रवाई होगी? क्योंकि अगर आज सख्ती नहीं हुई, तो कल यही ‘खर्चापानी’ खुलेआम लूट बन जाएगा।














