स्थानांतरण नीति से शिक्षकों में गहरी नाराजगी, सरकार पर शिक्षकों नें लगाया भेदभाव का आरोप.. शिक्षक कांग्रेस ने कहा- शिक्षकों को स्थानांतरण नीति से अलग रखना अनुचित, तत्काल संशोधन की मांग- शुक्ला

स्थानांतरण नीति से शिक्षकों में गहरी नाराजगी, सरकार पर शिक्षकों नें लगाया भेदभाव का आरोप..
शिक्षक कांग्रेस ने कहा- शिक्षकों को स्थानांतरण नीति से अलग रखना अनुचित, तत्काल संशोधन की मांग- शुक्ला
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही:- छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 5 जून को जारी की गई नवीन स्थानांतरण नीति पर विवाद खड़ा हो गया है। इस नीति में शिक्षकों को पूरी तरह से स्थानांतरण प्रक्रिया से बाहर रखने के निर्णय पर शिक्षकों में भारी असंतोष देखा जा रहा है। छत्तीसगढ़ शिक्षक कांग्रेस के प्रांतीय सचिव श्री आलोक शुक्ला ने इस नीति का कड़ा विरोध करते हुए इसे शिक्षकों के साथ अन्याय बताया है।
श्री शुक्ला ने कहा कि वर्तमान में चल रहे युक्तियुक्तकरण को आधार बनाकर शिक्षकों के स्थानांतरण पर रोक लगाना अनुचित है। प्रदेश के अनेक शिक्षक वर्षों से अपने गृह जिले से दूर कार्यरत हैं और अपने परिवार से दूर रहकर सेवाएं दे रहे हैं। बहुत से शिक्षक पति-पत्नी आधार पर एक स्थान पर पदस्थ होने की आशा लगाए बैठे थे, लेकिन इस नीति से उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है।
उन्होंने कहा कि कई शिक्षक आपसी सहमति से स्थानांतरण की तैयारी कर चुके थे, लेकिन नई नीति से उन्हें भी झटका लगा है। श्री शुक्ला ने मांग की है कि सरकार इस नीति में आवश्यक संशोधन कर शिक्षकों को स्थानांतरण की अनुमति दे तथा उन पर लगे प्रतिबंध को तत्काल प्रभाव से हटाए।
शिक्षक कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस मामले में शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो राज्यभर के शिक्षक विरोध प्रदर्शन करने पर विवश होंगे।





