मकान खाली करो, वरना सामान बाहर फेंक देंगे” – सरपंच पर गंभीर धमकी का आरोप, चारित्रिक हनन का भी लगाया आरोप, मानसिक रूप से व्यथित है पीड़िता

मकान खाली करो, वरना सामान बाहर फेंक देंगे” – सरपंच पर गंभीर धमकी का आरोप,
चारित्रिक हनन का भी लगाया आरोप, मानसिक रूप से व्यथित है पीड़िता
बेमेतरा। जिले के ग्राम नारायणपुर के सरपंच बिसाहू साहू पर मकान हड़पने और धमकी देने का गंभीर आरोप लगा है। इस संबंध में पीड़ित महिला सरिता शर्मा ने महिला आयोग के अध्यक्ष सहित प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को लिखित शिकायत दी है।
पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा कि उनकी चाची स्व. लक्ष्मी चौबे तत्कालीन समय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता थीं। उनकी तबीयत खराब रहने पर इलाज के लिए सरिता शर्मा ने रायपुर और गुंडरदेही ले जाकर उपचार कराया, जिसमें करीब 4-5 लाख रुपये का खर्च आया। इसके बाद भी उनकी चाची का स्वास्थ्य नहीं सुधरा और 01 सितंबर 2022 को इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।शिकायत के अनुसार, मृत्यु से पूर्व स्व. लक्ष्मी चौबे ने अपनी भतीजी समान सरिता शर्मा को यह आश्वासन दिया था कि –
“तुमने बेटी की तरह मेरी सेवा की है। मेरे पास देने को कुछ नहीं है, लेकिन यह मकान तुम्हें दे रही हूं। मेरी मृत्यु के बाद तुम यहीं रहना।”
सरिता शर्मा का कहना है कि चाची के निधन के बाद उन्होंने पूरे हिंदू रीति-रिवाजों से मृत्यु भोज और अंतिम संस्कार का पूरा खर्च उठाया और एक साल तक मृत्यु कर्म निभाने के बाद से वे शांति से उसी मकान में निवास कर रही थीं।
लेकिन आरोप है कि अब अचानक ग्राम पंचायत नारायणपुर के सरपंच बिसाहू साहू, सुनील साहू, कमलेश साहू और मुकेश विश्वकर्मा ने उनसे कहा कि मकान खाली कर दो। उन्होंने दो दिन का अल्टीमेटम दिया और धमकी दी कि अगर मकान खाली नहीं किया गया तो सामान बाहर फेंक देंगे और पंचायत कब्जे में ले लेगी।
पीड़िता का आरोप है कि सरपंच पक्ष न केवल मकान हड़पने की कोशिश कर रहा है बल्कि उनका चारित्रिक हनन कर सामाजिक मर्यादा को भी ठेस पहुंचा रहा है। इस वजह से वह मानसिक रूप से अत्यधिक व्यथित हैं।
उन्होंने महिला आयोग से हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने और सरपंच व अन्य आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।





