
शिक्षा विभाग में बड़ा मंथन 23 जून को! बायोमैट्रिक से लेकर युक्तियुक्तकरण तक 15 मुद्दों पर होगी सख्त समीक्षा, लापरवाहों पर गिर सकती है गाज
रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ ही जवाबदेही तय करने की तैयारी तेज हो गई है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव 23 जून को मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर में प्रदेशभर के संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक लेने जा रहे हैं। इस बैठक में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े 15 अहम मुद्दों पर गहन चर्चा होगी और कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।दोपहर 3 बजे से शुरू होने वाली इस हाई-लेवल बैठक में स्कूल शिक्षा सचिव, लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के वरिष्ठ अधिकारी, संयुक्त संचालक और सभी जिलों के डीईओ मौजूद रहेंगे। शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार बैठक में केवल समीक्षा ही नहीं बल्कि विभागीय जवाबदेही और आगामी कार्ययोजना भी तय की जाएगी।

बायोमैट्रिक उपस्थिति पर सख्त रुख
शिक्षा विभाग अधिकारियों और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमैट्रिक व्यवस्था को लेकर गंभीर है। बैठक में संयुक्त संचालक कार्यालय, डीईओ कार्यालय और बीईओ कार्यालयों में बायोमैट्रिक उपस्थिति की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। वहीं शिक्षकों की VSK ऐप के माध्यम से दर्ज हो रही उपस्थिति पर भी विस्तार से चर्चा होगी।

युक्तियुक्तकरण के बाद गायब शिक्षकों पर कार्रवाई!
बैठक में युक्तियुक्तकरण के बाद भी कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले शिक्षकों के मामलों की समीक्षा होगी। ऐसे मामलों में शास्ति निर्धारण और अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। लंबे समय से लंबित पदोन्नति प्रकरणों पर भी अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा।

स्कूलों की जमीनी हकीकत का होगा हिसाब,विद्यालयों में साफ-सफाई, मरम्मत कार्य, पाठ्यपुस्तक वितरण, गणवेश और साइकिल वितरण की प्रगति रिपोर्ट तलब की जाएगी। साथ ही विद्यालय संचालन के लिए जारी राशि और उपयोगिता प्रमाण पत्रों की स्थिति की भी समीक्षा होगी।
बोर्ड परीक्षा परिणामों पर होगी गहन समीक्षा,10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणामों का विश्लेषण करते हुए कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों और स्कूलों की पहचान की जाएगी। छात्रों के शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की जाएगी।
भवन, बिजली और शौचालय विहीन स्कूलों पर फोकस,प्रदेश में भवनविहीन, विद्युतविहीन और शौचालयविहीन विद्यालयों की वास्तविक स्थिति पर अधिकारियों से रिपोर्ट ली जाएगी। साथ ही वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक हुए निर्माण कार्यों की समीक्षा भी बैठक के एजेंडे में शामिल है।
ई-HRMS और CCMS पोर्टल अपडेट पर जोर
विभागीय e-HRMS (CG School) और CCMS पोर्टल में शिक्षकों एवं कर्मचारियों की जानकारी अपडेट रखने के निर्देशों की समीक्षा होगी। UDISE पोर्टल पर विद्यार्थियों की प्रोग्रेशन एंट्री समय पर कराने को भी प्राथमिकता दी जाएगी।पेंशन और पीएम पोषण योजना भी एजेंडे में,लंबित पेंशन प्रकरणों के निराकरण, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना के तहत केंद्रीकृत किचन व्यवस्था तथा विद्यालय प्रबंधन समितियों के गठन को लेकर भारत सरकार के निर्देशों की भी समीक्षा की जाएगी।
पूरे शिक्षा विभाग की नजर 23 जून की बैठक पर
शिक्षा विभाग के जानकारों का मानना है कि 23 जून की यह बैठक नए शिक्षा सत्र के लिए विभागीय प्राथमिकताओं, जवाबदेही और कार्यसंस्कृति तय करने वाली साबित हो सकती है। बायोमैट्रिक उपस्थिति, युक्तियुक्तकरण, पदोन्नति, परीक्षा परिणाम और स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दों पर लिए जाने वाले फैसलों का सीधा असर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा।















