
उल्लास महापरीक्षा में 5518 नवसाक्षरों ने दिखाया उत्साह
270 परीक्षा केंद्रों में हुआ बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान का मूल्यांकन, डाइट पेंड्रा के स्टाफ एवं छात्राध्यापकों की रही अहम भूमिका

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 27 सितंबर 2026। उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत रविवार को गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में उल्लास महापरीक्षा का आयोजन उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। जिले के तीनों विकासखंडों की ग्राम पंचायतों एवं तीनों नगरीय निकायों में बनाए गए 270 परीक्षा केंद्रों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान का मूल्यांकन किया गया। महापरीक्षा में जिलेभर से 5518 नवसाक्षर परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया।


कलेक्टर विजय दयाराम के. के मार्गदर्शन में आयोजित परीक्षा के व्यवस्थित संचालन के लिए 270 केंद्राध्यक्ष एवं 344 पर्यवेक्षक-सह-मूल्यांकनकर्ता नियुक्त किए गए थे। परीक्षा की सतत निगरानी के लिए जिला एवं विकासखंड स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए गए। जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी सहित जिला एवं विकासखंड स्तरीय मॉनिटरिंग दलों ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।


डाइट पेंड्रा की टीम ने निभाई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
उल्लास महापरीक्षा के सफल संचालन में डाइट पेंड्रा(शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान) के स्टाफ एवं छात्राध्यापकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। डाइट की टीम ने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर परीक्षा संचालन एवं व्यवस्थाओं में सहयोग किया। छात्राध्यापकों ने भी विभिन्न स्तरों पर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए महापरीक्षा को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने में योगदान दिया।
इसके साथ ही स्काउट-गाइड के विद्यार्थियों तथा स्वयंसेवी शिक्षकों ने भी परीक्षा के सफल आयोजन में सक्रिय सहयोग दिया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों, संकुल प्राचार्यों एवं शैक्षिक समन्वयकों ने भी परीक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
78 वर्षीय बुजुर्ग से लेकर सास-बहू तक ने दी परीक्षा
महापरीक्षा में नवसाक्षरों का उत्साह देखते ही बना। विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर सास-बहू, पति-पत्नी और देवरानी-जेठानी सहित एक ही परिवार के सदस्यों ने भी परीक्षा में हिस्सा लिया। 65 वर्षीय दौजी बाई ने अपनी 38 वर्षीय बहू रुक्मणी बाई के साथ परीक्षा दी।
वहीं बेलपत में 78 वर्षीय प्रेम सिंह और 72 वर्षीय कृपाल सिंह ने भी मूल्यांकन परीक्षा में हिस्सा लिया। इन बुजुर्ग परीक्षार्थियों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि शिक्षा हासिल करने और सीखने की कोई उम्र नहीं होती। जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने परीक्षा केंद्रों पर नवसाक्षरों से चर्चा कर उनका उत्साहवर्धन किया।
सजाए गए परीक्षा केंद्र, तिलक लगाकर हुआ स्वागत
महापरीक्षा को लेकर कई परीक्षा केंद्रों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। कुछ केंद्रों पर आदर्श परीक्षा केंद्र एवं सेल्फी जोन भी बनाए गए। परीक्षा में पहुंचने वाले नवसाक्षरों का तिलक लगाकर तथा फूल-माला एवं गुलदस्ते से स्वागत किया गया। इससे परीक्षार्थियों में उत्साह और आत्मविश्वास का माहौल देखने को मिला। महापरीक्षा का उद्देश्य नवसाक्षरों के बुनियादी पढ़ने-लिखने और संख्यात्मक ज्ञान का मूल्यांकन करना रहा। परीक्षा में अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों की भागीदारी ने जिले में साक्षरता अभियान की पहुंच को भी सामने रखा।
सफल परीक्षार्थियों को मिलेगा एनआईओएस का प्रमाण-पत्र
उल्लास महापरीक्षा में सफल परीक्षार्थियों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस), नई दिल्ली द्वारा प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। परीक्षा के सफल आयोजन में शिक्षा विभाग के साथ डाइट पेंड्रा के स्टाफ एवं छात्राध्यापकों, स्काउट-गाइड के विद्यार्थियों और स्वयंसेवी शिक्षकों के समन्वित प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
जिले में आयोजित इस महापरीक्षा ने नवसाक्षरों में शिक्षा के प्रति बढ़ती रुचि और सीखने की निरंतर इच्छा को सामने रखा। खासकर बुजुर्गों एवं परिवार के सदस्यों की सामूहिक भागीदारी ने साक्षरता के संदेश को और प्रभावी बनाया।
















