रामलला दर्शन के लिए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से 44 श्रद्धालु अयोध्या रवाना, पवन पैकरा ने हरी झंडी दिखाकर किया विदा

रामलला दर्शन के लिए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से 44 श्रद्धालु अयोध्या रवाना, पवन पैकरा ने हरी झंडी दिखाकर किया विदा
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। मुख्यमंत्री रामलला (अयोध्या) तीर्थ दर्शन योजना के तहत जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से 44 श्रद्धालुओं का जत्था प्रभु श्रीरामलला के दर्शन के लिए अयोध्या धाम रवाना हुआ। श्रद्धालुओं के रवाना होने के दौरान पूरे परिसर में धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के चेहरों पर अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन करने की खुशी साफ झलक रही थी।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में श्रद्धालुओं को विधिवत हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस दौरान पवन पैकरा ने श्रद्धालुओं को हरी झंडी दिखाकर यात्रा के लिए विदा किया। उन्होंने सभी यात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रामलला तीर्थ दर्शन योजना प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर एवं ग्रामीण क्षेत्र के श्रद्धालुओं को भी अयोध्या जाकर प्रभु श्रीरामलला के दर्शन का अवसर मिल रहा है।
इस अवसर पर जिला पंचायत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के जिला सीईओ, भारतीय जनता पार्टी सेमरा मंडल अध्यक्ष अजय तिवारी, जिला पंचायत एपीओ कीर्ति खुसरो, जनपद पंचायत गौरेला के EDEO राजेश कुमार बरुवा सहित जिले की तीनों जनपद पंचायतों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने श्रद्धालुओं का स्वागत कर उन्हें मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं के लिए यात्रा संबंधी आवश्यक जानकारी भी साझा की गई। यात्रा में भोजन, ठहरने, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सहित अन्य जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने की बात अधिकारियों द्वारा कही गई। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि उन्होंने पहले कभी अयोध्या जाने की कल्पना भी नहीं की थी, लेकिन सरकार की इस योजना के माध्यम से अब उन्हें रामलला के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है।
यात्रा रवाना होने से पहले श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। बड़ी संख्या में परिजन एवं स्थानीय लोग भी श्रद्धालुओं को विदा करने पहुंचे थे। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार लगातार धार्मिक एवं सांस्कृतिक आस्था से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दे रही है और तीर्थ दर्शन योजना इसका महत्वपूर्ण उदाहरण है।
















