मनरेगा में बदलाव के खिलाफ कांग्रेस का उपवास, गांधी प्रतिमा के समक्ष गूंजा “मनरेगा बचाओ” का नारा

गौरेला पेंड्रा मरवाही : अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस पार्टी ने (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) में किए गए हालिया बदलावों के विरोध में एक दिवसीय उपवास एवं विरोध प्रदर्शन किया। यह कार्यक्रम मल्टीपरपज स्कूल पेंड्रा स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष आयोजित किया गया। कांग्रेस ने मनरेगा को नई योजना ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन’ में बदलने के केंद्र सरकार के फैसले को गरीब, मजदूर और ग्रामीण विरोधी बताया। यह उपवास कांग्रेस के व्यापक “मनरेगा बचाओ संग्राम” आंदोलन का हिस्सा रहा। जिला कांग्रेस अध्यक्ष गजमती भानु ने कहा कि मनरेगा एक अधिकार-आधारित कानून है, जिसे कमजोर कर नई योजनाओं में समाहित करना ग्रामीण मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा के मूल स्वरूप को खत्म कर रोजगार की गारंटी को अनिश्चित बना रही है। पूर्व विधायक डॉ. के.के. ध्रुव ने कहा कि यह बदलाव गरीबों की थाली से रोजगार छीनने जैसा है। उन्होंने केंद्र की नीतियों को मजदूर विरोधी करार देते हुए कहा कि कांग्रेस मनरेगा को कमजोर नहीं होने देगी और सड़कों से लेकर संसद तक विरोध जारी रहेगा। कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गांधी प्रतिमा के समक्ष नारेबाजी करते हुए मनरेगा जैसे सामाजिक सुरक्षा कानून को बचाने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन 25 फरवरी तक जारी रहेगा, जिसमें उपवास, जन-जागरण अभियान और होर्डिंग कार्यक्रम शामिल होंगे। आज के कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष गजमती भानु, पूर्व विधायक डॉ. के.के. ध्रुव, छाया विधायक गुलाब राज, ब्लॉक अध्यक्ष अमोल पाठक सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।





