झमाझम खबरेंट्रेंडिंगप्रदेशराजनीतीरायपुर

केंदा-चुरेली में गरीबों के हक पर खुला डाका, राशन माफिया बेलगाम, प्रशासन मौन

जीशान अंसारी की रिपोर्ट, बिलासपुर/कोटा विकासखंड, बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत चुरेली (केंदा) में सरकारी राशन व्यवस्था की सरेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) गरीबों के पेट भरने के लिए बनी है, लेकिन यहाँ यही योजना भ्रष्टाचार और दबंगई का अड्डा बन चुकी है। केवाईसी पूरी होने के बावजूद हितग्राहियों को 35 किलो के बजाय केवल 20 किलो चावल देकर उनके हक पर खुला डाका डाला जा रहा है।ग्रामीणों का आरोप है कि राशन डीलर बेखौफ होकर मनमानी कर रहा है। जब एक हितग्राही ने अपने हक का सवाल उठाया और कहा कि “मेरा केवाईसी सिस्टम में दिख रहा है, फिर पूरा राशन क्यों नहीं?” तो डीलर ने गुस्से और घमंड में चूर होकर कहा—

“राशन लेना है तो लो, नहीं तो मत लो… जहाँ जाना है जाओ।”

डीलर का यह बयान साफ दर्शाता है कि उसे न कानून का डर है, न प्रशासन का।

इस पूरे मामले में पंचायत सचिव की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। जब उनसे जवाब मांगा गया, तो वे गोलमोल बातें करते नजर आए। मीडिया द्वारा बाइट लेने पर उन्होंने कैमरे के सामने आने से साफ इनकार कर दिया, जो कई सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत सचिव अधिकतर पंचायत मुख्यालय में उपस्थित ही नहीं रहते, जिससे सरकारी योजनाओं की निगरानी पूरी तरह ठप हो चुकी है।

अब सवाल सीधे शासन-प्रशासन से है -:

क्या घोटालेबाज़ राशन डीलर पर सख्त कार्रवाई होगी, या फिर यह मामला भी फाइलों में दफन कर दिया जाएगा? गरीबों के हक पर लूट करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर आंदोलन की चेतावनी दी है। इस संभावित विस्फोटक स्थिति की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

Back to top button
error: Content is protected !!