LIVE UPDATE
झमाझम खबरेंदेशप्रदेशराजनीतीरायपुर

“मनरेगा में ‘मिट्टी का खेल’! 14.67 लाख का चेक डैम बना भ्रष्टाचार का गड्ढा, घटिया निर्माण पर प्रशासन की नींद टूटी”

“मनरेगा में ‘मिट्टी का खेल’! 14.67 लाख का चेक डैम बना भ्रष्टाचार का गड्ढा, घटिया निर्माण पर प्रशासन की नींद टूटी”

सारंगढ़-बिलाईगढ़ (छत्तीसगढ़)।महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) के तहत ग्रामीण विकास के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। जिले के ग्राम पंचायत मुड़पार छोटे में निर्माणाधीन चेक डैम अब भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का प्रतीक बनता जा रहा है।
करीब 14 लाख 67 हजार रुपये की लागत से बनाए जा रहे इस चेक डैम में गुणवत्ता की खुली अनदेखी सामने आई है। आरोप है कि निर्माण में निर्धारित मानकों को ताक पर रखकर रेत-गिट्टी की जगह बजरी और डस्ट (धूल) का इस्तेमाल धड़ल्ले से किया जा रहा था। यानी जहां मजबूत संरचना खड़ी होनी थी, वहां “धूल का महल” खड़ा किया जा रहा था।
सोशल मीडिया ने खोली पोल, हरकत में आया प्रशासन
स्थानीय लोगों द्वारा घटिया निर्माण के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया। प्रशासन, जो अब तक मौन था, अचानक सक्रिय नजर आया और आनन-फानन में जांच के आदेश जारी कर दिए गए।
3 दिन में रिपोर्ट, जांच के नाम पर ‘औपचारिकता’ या सख्ती?
जनपद पंचायत सारंगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी (ग्रामीण यांत्रिकी सेवा) को जांच सौंपी है। आदेश में साफ निर्देश दिए गए हैं कि:
तकनीकी सहायक की भूमिका और उसकी निगरानी की पूरी जांच की जाए
निर्माण कार्य की गुणवत्ता का मौके पर सत्यापन किया जाए
3 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए
हालांकि सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या यह जांच महज कागजी कार्रवाई बनकर रह जाएगी या वास्तव में दोषियों तक पहुंचेगी?
ग्रामीणों में आक्रोश, सिस्टम पर उठे सवाल
गांव के लोगों में इस पूरे मामले को लेकर भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि मनरेगा जैसी योजना, जो गरीबों के रोजगार और विकास के लिए बनी है, उसे ही कुछ लोग “कमाई का जरिया” बना बैठे हैं। सबसे बड़ा सवाल: क्या ‘बड़े नाम’ बच जाएंगे? अब पूरे जिले की नजर इस जांच पर टिकी हुई है। क्या प्रशासन सख्त कार्रवाई करते हुए दोषियों पर गाज गिराएगा? या फिर हमेशा की तरह “ऊपर तक पहुंच” रखने वाले लोग बच निकलेंगे? फिलहाल, यह मामला सिर्फ एक चेक डैम का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर रहा है—जहां कागजों में विकास और जमीन पर भ्रष्टाचार साफ दिखाई दे रहा

ये खबर भी पढ़ें…
20 लाख की फिरौती मांगने वाले अंतरराज्यीय किडनैपिंग गैंग का भंडाफोड़, 3 दिन में अपहृत गिरीश यादव सकुशल बरामद
20 लाख की फिरौती मांगने वाले अंतरराज्यीय किडनैपिंग गैंग का भंडाफोड़, 3 दिन में अपहृत गिरीश यादव सकुशल बरामद
June 23, 2026
20 लाख की फिरौती मांगने वाले अंतरराज्यीय किडनैपिंग गैंग का भंडाफोड़, 3 दिन में अपहृत गिरीश यादव सकुशल बरामद पिस्टल...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

Back to top button
error: Content is protected !!