पेंड्रा तहसील में बढ़ी जनता की नाराजगी, कांग्रेस ने खोला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा

पेंड्रा तहसील में बढ़ी जनता की नाराजगी, कांग्रेस ने खोला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।पेंड्रा तहसील में बढ़ती अव्यवस्था, लंबित मामलों और आम नागरिकों की परेशानियों को लेकर अब राजनीतिक माहौल गर्माने लगा है। जिला कांग्रेस कमेटी ने तहसील प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पेंड्रा में पदस्थ तहसीलदार अविनाश कुजूर को तत्काल हटाने की मांग की है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष गहमरी भानु के नेतृत्व में कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और तहसीलदार की कार्यप्रणाली को “जनविरोधी, निरंकुश और गैर-जिम्मेदाराना” बताते हुए गंभीर आरोप लगाए।


कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पेंड्रा तहसील कार्यालय इन दिनों आम जनता के लिए परेशानी का केंद्र बन चुका है। नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, आय, निवास और जाति प्रमाण पत्र जैसे जरूरी कार्य महीनों से लंबित पड़े हैं। ग्रामीण और जरूरतमंद लोग लगातार तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। कई लोग आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान हो चुके हैं, फिर भी जिम्मेदार अधिकारी संवेदनशीलता दिखाने को तैयार नहीं हैं।

ज्ञापन में कहा गया कि तहसील कार्यालय में कामकाज की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि लोग अब खुले तौर पर यह कहने लगे हैं कि बिना “लेन-देन” कोई काम नहीं होता। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह स्थिति प्रशासनिक व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। नेताओं का कहना है कि यदि समय रहते इस व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो जनता का भरोसा पूरी तरह प्रशासन से उठ जाएगा।
कांग्रेस नेताओं ने तहसीलदार अविनाश कुजूर पर आरोप लगाया कि वे आम लोगों के फोन कॉल तक रिसीव नहीं करते और न ही लोगों की समस्याएं सुनने में रुचि दिखाते हैं। कई बार दूर-दराज गांवों से पहुंचे लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब तक नहीं मिलता। कांग्रेस ने इसे सीधे तौर पर जनता के अधिकारों का अपमान बताया है।

मामले को लेकर कांग्रेस ने राज्य शासन के “सुशासन तिहार” अभियान पर भी सवाल खड़े किए हैं। नेताओं ने कहा कि एक ओर सरकार गांव-गांव जाकर सुशासन और जनसमस्याओं के समाधान का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर पेंड्रा तहसील में हालात बिल्कुल विपरीत हैं। लोगों की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पेंड्रा तहसील में “सुशासन तिहार” पूरी तरह दिखावा बनकर रह गया है।
जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष गहमरी भानु ने तीखा हमला बोलते हुए कहा,
“पेंड्रा तहसील में जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। छोटे-छोटे कामों के लिए लोगों को महीनों भटकना पड़ रहा है। शासन की योजनाएं जमीन पर लागू नहीं हो पा रही हैं क्योंकि जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल साबित हो रहे हैं। तहसीलदार की कार्यप्रणाली पूरी तरह जनविरोधी हो चुकी है। यदि तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर प्रशासनिक कार्यालयों तक बड़ा जनआंदोलन करेगी।”
वहीं विधायक प्रतिनिधि पंकज तिवारी ने प्रशासन को सीधी चेतावनी देते हुए कहा,
“तहसीलदार की मनमानी और लापरवाही के कारण लोगों का प्रशासन से विश्वास उठता जा रहा है। ‘सुशासन तिहार’ जैसे महत्वपूर्ण अभियान का मजाक बना दिया गया है। जनता परेशान है लेकिन अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं। यदि 7 दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस पार्टी काले झंडे दिखाकर उग्र आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।”
कांग्रेस नेताओं ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि तहसीलदार अविनाश कुजूर को तत्काल प्रभाव से पेंड्रा तहसील से हटाकर कार्यालय अटैच किया जाए तथा उनके स्थान पर संवेदनशील और जिम्मेदार अधिकारी की नियुक्ति की जाए। कांग्रेस ने साफ कहा है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
इस पूरे मामले के बाद पेंड्रा तहसील की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। अब देखना होगा कि प्रशासन कांग्रेस के आरोपों और जनता की नाराजगी को कितनी गंभीरता से लेता है, या फिर मामला आने वाले दिनों में बड़े राजनीतिक आंदोलन का रूप लेता है।











