गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को मिला नया कलेक्टर: डॉ. संतोष देवांगन संभालेंगे जिले की कमान

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को मिला नया कलेक्टर: डॉ. संतोष देवांगन संभालेंगे जिले की कमान
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किए गए बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को नया कलेक्टर मिल गया है। राज्य शासन ने वरिष्ठ IAS अधिकारी डॉ. संतोष देवांगन को जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया है। उनके नाम की घोषणा होते ही प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।


सरकार द्वारा जारी तबादला आदेश के तहत जिले में प्रशासनिक नेतृत्व परिवर्तन किया गया है। माना जा रहा है कि शासन ने विकास कार्यों में गति, योजनाओं की बेहतर मॉनिटरिंग और जमीनी स्तर पर प्रशासनिक पकड़ मजबूत करने के उद्देश्य से यह नियुक्ति की है।
प्रशासनिक अनुभव का मिलेगा फायदा, डॉ. संतोष देवांगन को प्रशासनिक कार्यों का अच्छा अनुभव माना जाता है। विभिन्न विभागों में काम करने के दौरान उनकी कार्यशैली को सख्त लेकिन परिणाम देने वाली माना जाता रहा है। अब गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जैसे आदिवासी एवं ग्रामीण बहुल जिले की जिम्मेदारी मिलने के बाद लोगों की अपेक्षाएं भी बढ़ गई हैं। जिले में लंबे समय से सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, राजस्व और पंचायत स्तर से जुड़े कई मुद्दे चर्चा में रहे हैं। ऐसे में नए कलेक्टर के सामने प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने की बड़ी चुनौती होगी।
विकास कार्यों की समीक्षा होगी तेज
सूत्रों के अनुसार नए कलेक्टर के पदभार संभालते ही लंबित विकास कार्यों, निर्माण परियोजनाओं और विभागीय योजनाओं की समीक्षा तेज हो सकती है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे कार्यों, राजस्व प्रकरणों और जनसमस्याओं पर फोकस रहने की संभावना जताई जा रही है।
इसके अलावा पंचायतों में निर्माण कार्य, मनरेगा, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य सेवाएं और राजस्व मामलों को लेकर भी प्रशासनिक सख्ती बढ़ सकती है। शासन स्तर से भी जिलों में बेहतर मॉनिटरिंग और जवाबदेही पर जोर दिया जा रहा है।
जिलेवासियों को नई उम्मीद, नए कलेक्टर की नियुक्ति के बाद जिले के लोगों में भी नई उम्मीद जगी है। आम जनता को उम्मीद है कि लंबित समस्याओं का समाधान तेजी से होगा और सरकारी योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचेगा।
अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि डॉ. संतोष देवांगन जिले की कमान संभालने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था में क्या बदलाव लाते हैं और विकास कार्यों को किस गति से आगे बढ़ाते हैं।












