
“अटैचमेंट खत्म होने के बाद भी मरवाही में जमे मुतुंजय सराफ,पैथोलॉजिस्ट! किसके संरक्षण में चल रही व्यवस्था?”
दानीकुंडी पीएचसी में पदस्थ, लेकिन लंबे समय से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मरवाही में सेवाएं; शासन के आदेशों पर उठे सवाल।

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। शासन के द्वारा विभागों में वर्षों से चली आ रही अटैचमेंट व्यवस्था को समाप्त करने के स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के स्वास्थ्य विभाग में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने शासन के आदेशों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार डॉ. मृत्युञ्जय सराफ (एमडी पैथोलॉजिस्ट) की पदस्थापना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दानीकुंडी में है, लेकिन वे लंबे समय से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मरवाही में अटैचमेंट पर कार्यरत बताए जा रहे हैं। जबकि शासन की ओर से सभी प्रकार के अटैचमेंट समाप्त करने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं।

अब सवाल यह उठ रहा है कि जब पूरे प्रदेश में अटैचमेंट खत्म किए जा रहे हैं, तो फिर यह व्यवस्था किस आधार पर जारी है? क्या स्वास्थ्य विभाग के नियम इस मामले में अलग हैं, या फिर किसी प्रभावशाली अधिकारी का संरक्षण प्राप्त है?
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि इस अटैचमेंट को डॉ. हर्षवर्धन मेहर का संरक्षण प्राप्त है। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यदि ऐसा है तो यह जांच का विषय बनता है कि शासन के आदेशों के बावजूद यह व्यवस्था किसके निर्देश पर जारी है। इस मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि दानीकुंडी पीएचसी में विशेषज्ञ चिकित्सक की पदस्थापना है, तो वहां की स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन किस प्रकार हो रहा है? क्या वहां के मरीज विशेषज्ञ सेवाओं से वंचित हो रहे हैं?

अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं। यदि शासन के आदेश सभी पर समान रूप से लागू हैं, तो इस अटैचमेंट की वैधता की जांच कर उचित निर्णय लिया जाना चाहिए।















