
WOTR एवं HDB Financial Services के सहयोग से किसानों को मिला टिकाऊ कृषि का प्रशिक्षण
जीशान अंसारी की कलम से

निरंजली परियोजना के तहत लैंगी एवं पिपरिया में किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित, श्री विधि से धान उत्पादन और फसल सुरक्षा की दी गई जानकारी
लैंगी/पिपरिया। WOTR (Watershed Organisation Trust) द्वारा HDB Financial Services के वित्तीय सहयोग से संचालित निरंजली परियोजना, कोरबा के अंतर्गत ग्राम लैंगी एवं पिपरिया में किसानों और वसुंधरा सेवकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि तकनीकों की जानकारी देकर खेती की उत्पादकता बढ़ाने तथा उनकी आजीविका को मजबूत करने के लिए प्रेरित करना रहा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान किसानों को श्री विधि (SRI) से धान की खेती करने की तकनीक के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। किसानों को बताया गया कि श्री विधि के माध्यम से धान की खेती में उचित पौध दूरी, पौधों की देखभाल, खेत प्रबंधन तथा आवश्यक कृषि तकनीकों को अपनाकर बेहतर उत्पादन प्राप्त करने का प्रयास किया जा सकता है।
कार्यक्रम में किसानों को उचित पौध दूरी, फसल प्रबंधन, कीट एवं रोगों की पहचान तथा उनकी रोकथाम के संबंध में व्यावहारिक जानकारी दी गई। किसानों को फसल में आने वाली विभिन्न समस्याओं की समय पर पहचान करने और आवश्यक कृषि प्रबंधन अपनाने के लिए भी मार्गदर्शन दिया गया।

इसके अलावा बागवानी गतिविधियों से जुड़े किसानों को भी खेती एवं बागवानी से संबंधित आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान किसानों की समस्याओं और खेती से जुड़े व्यावहारिक विषयों पर चर्चा करते हुए उन्हें बेहतर कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में आलोक गुप्ता ने किसानों को श्री विधि से धान की खेती, फसल प्रबंधन तथा फसल सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। वहीं कार्यक्रम को सफल बनाने में WOTR के नवीन बनकर, दीपक गोस्वामी एवं देवेंद्र बैरागी ने सक्रिय भूमिका निभाई।
92 किसान परियोजना की गतिविधियों से जुड़े
निरंजली परियोजना के अंतर्गत किसानों को विभिन्न कृषि एवं बागवानी गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। परियोजना के तहत 60 किसान Horticulture Wadi (बागवानी वाड़ी) गतिविधि से जुड़े हुए हैं, जबकि 32 किसान SRI गतिविधि के माध्यम से श्री विधि से धान की खेती से संबंधित कार्य कर रहे हैं।
प्रशिक्षण के माध्यम से किसानों को कृषि क्षेत्र में उपलब्ध टिकाऊ तकनीकों की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें अपने खेतों में इन तकनीकों का प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। परियोजना का उद्देश्य किसानों की कृषि संबंधी समझ को मजबूत करना, उत्पादन में सुधार के प्रयासों को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण परिवारों की आजीविका को अधिक टिकाऊ और मजबूत बनाने में सहयोग करना है।
कार्यक्रम के दौरान किसानों ने प्रशिक्षण में रुचि दिखाते हुए कृषि से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी प्राप्त की। आयोजकों ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने और खेती में बेहतर प्रबंधन को बढ़ावा देने में उपयोगी साबित हो सकते हैं।
इस अवसर पर किसानों एवं वसुंधरा सेवकों की सहभागिता रही और प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से टिकाऊ कृषि पद्धतियों को गांव स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।















