
“अब GPM के बच्चे भी करेंगे JEE-NEET की तैयारी! कलेक्टर विजय दयाराम लाए ‘ज्ञान गुड़ी’ मॉडल, शिक्षा विभाग को तुरंत तैयारी के निर्देश
बस्तर में सफलता का रिकॉर्ड दोहराने की तैयारी, गुरुकुल स्कूल में शुरू होगा निःशुल्क शासकीय कोचिंग सेंटर, 51 व्याख्याताओं के साथ हुई रणनीतिक बैठक।

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले के मेधावी विद्यार्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। बस्तर जिले में शानदार सफलता हासिल करने वाले शासकीय कोचिंग सेंटर “ज्ञान गुड़ी” का मॉडल अब गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में भी लागू किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी पहल को लेकर कलेक्टर विजय दयाराम ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों, प्राचार्यों और विभिन्न विषयों के 51 व्याख्याताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर जल्द से जल्द कोचिंग सेंटर शुरू करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला , जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिले के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को अब JEE, NEET, PMT, PAT, PET तथा नर्सिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए अनुभवी शिक्षकों की सेवाएं, अध्ययन सामग्री और नियमित टेस्ट की व्यवस्था की जाएगी।

दरअसल, वर्तमान कलेक्टर विजय दयाराम ने अपने बस्तर कार्यकाल में “ज्ञान गुड़ी” की शुरुआत की थी, जिसका परिणाम बेहद उत्साहजनक रहा। पहले सत्र में 64 विद्यार्थियों ने NEET सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की। दूसरे सत्र में बढ़ती मांग के चलते 120 सीटों के स्थान पर 150 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया, जिनमें से 47 विद्यार्थियों ने NEET एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की। इस सफलता के बाद अब वही मॉडल GPM जिले में लागू किया जा रहा है। शिक्षा विभाग ने कोचिंग सेंटर संचालन के लिए गुरुकुल स्कूल के दो कमरों का चयन कर लिया है। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने तथा नए शैक्षणिक सत्र से पहले सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
इस पहल से उम्मीद है कि अब GPM जिले के आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को बड़े शहरों का रुख किए बिना ही प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर मिलेगा और जिले से भी बड़ी संख्या में छात्र डॉक्टर, इंजीनियर एवं अन्य पेशेवर पाठ्यक्रमों में चयनित हो सकेंगे।
















