
लापरवाही बर्दाश्त नहीं,व्याख्याता पायल कौशले, पर गिरी गाज,जिला कलेक्टर का कड़ा ऐक्शन
कलेक्टर विजय दयाराम के. के मार्गदर्शन में शिक्षा विभाग की कार्रवाई, लगातार अनुपस्थिति और नोटिस का जवाब नहीं देने पर लिया गया निर्णय

पेण्ड्रा। गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और जवाबदेही को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर विजय दयाराम के. के मार्गदर्शन एवं निर्देशानुसार शिक्षा विभाग ने लंबे समय से ड्यूटी से अनुपस्थित संविदा व्याख्याता के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय पेण्ड्रा में पदस्थ व्याख्याता (अंग्रेजी) पायल कौशले को तत्काल प्रभाव से शासकीय सेवा से पृथक कर दिया गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार संबंधित व्याख्याता वर्ष 2021 में संविदा आधार पर नियुक्त हुई थीं। विद्यालय के प्राचार्य द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक वे 20 दिसंबर 2024 से 16 अगस्त 2026 तक लगातार कार्य से अनुपस्थित रहीं। इसके बाद 17 अगस्त 2026 को विद्यालय में उपस्थित हुईं, लेकिन अगले ही दिन यानी 18 अगस्त 2026 से पुनः बिना सूचना के अनुपस्थित हो गईं।

नोटिस के बावजूद नहीं दिया जवाब
लंबी अनुपस्थिति के मामले में विद्यालय प्राचार्य द्वारा 25 अगस्त 2026 को नोटिस जारी किया गया था। विभागीय आदेश में उल्लेख है कि निर्धारित समयावधि में संबंधित व्याख्याता द्वारा न तो अपना जवाब प्रस्तुत किया गया और न ही विद्यालय में उपस्थित होकर नियमित रूप से कार्यभार संभाला गया।

विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसे कर्तव्य के प्रति लापरवाही एवं अनुशासनहीनता माना। आदेश में संविदा नियुक्ति से संबंधित सेवा शर्तों एवं लागू नियमों का उल्लेख करते हुए सेवा से पृथक करने की कार्रवाई की गई है।
शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रशासन का फोकस
जिले में नए कलेक्टर विजय दयाराम के. के पदभार संभालने के बाद शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता, विद्यालयों में नियमित उपस्थिति और शासकीय कर्मचारियों की जवाबदेही को लेकर प्रशासनिक स्तर पर विशेष जोर दिखाई दे रहा है। ऐसे में लंबे समय तक बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के मामले में हुई यह कार्रवाई विभागीय अनुशासन को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कार्रवाई का संदेश—ड्यूटी में लापरवाही पर नहीं चलेगी मनमानी
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। आदेश की प्रतिलिपि लोक शिक्षण संचालनालय, कलेक्टर गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर, विकासखंड शिक्षा अधिकारी पेण्ड्रा तथा संबंधित विद्यालय के प्राचार्य को भेजी गई है।
लगातार अनुपस्थिति, नोटिस के बावजूद जवाब प्रस्तुत नहीं करने और ड्यूटी पर वापस नहीं लौटने के मामले में हुई इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में जवाबदेही को लेकर स्पष्ट संदेश गया है। प्रशासन का रुख साफ है कि विद्यालयों में शिक्षकों एवं व्याख्याताओं की नियमित उपस्थिति और जिम्मेदारी शिक्षा की गुणवत्ता की बुनियाद है तथा कर्तव्य में लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
कलेक्टर विजय दयाराम के. के मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई को जिले की शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और जवाबदेही मजबूत करने की दिशा में उठाए गए कदम के रूप में देखा जा रहा है।















