
# जिला पंचायत सभागार में सीएसी की बैठक सम्पन्न, बालिका शौचालय और अतिरिक्त कक्षों की हुई समीक्षा
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।जिले के स्कूलों में बालिका शौचालयों की आवश्यकता, अतिरिक्त कक्षों की उपलब्धता और युक्तियुक्तकरण के बाद अनुपयोगी भवनों के हस्तांतरण को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने 23 अक्टूबर 2026 को जिला पंचायत सभागार में जिले के सभी संकुल अकादमिक समन्वयकों (सीएसी) की बैठक ली। बैठक में विभिन्न शैक्षणिक एवं आधारभूत सुविधाओं से जुड़े विषयों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में बीवीजीरामजी योजनांतर्गत जिले के विभिन्न स्कूलों में बालिका शौचालयों की आवश्यकता और उनकी स्वीकृति की स्थिति की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने किन विद्यालयों में शौचालय की आवश्यकता है तथा किन विद्यालयों के लिए स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है, इस संबंध में समीक्षा की। इसके साथ ही जिले के सभी स्कूलों में अतिरिक्त कक्षों की आवश्यकता का आकलन करने और संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने पर चर्चा की गई।


बैठक में युक्तियुक्तकरण के बाद जिन स्कूल भवनों का उपयोग नहीं हो रहा है, उन्हें महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंपने की कार्यवाही की भी समीक्षा की गई। इस संबंध में आवश्यक जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आगे की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
समय-सीमा में जानकारी देने के निर्देश

जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने सभी सीएसी को निर्देशित किया कि बैठक में चर्चा किए गए तीनों बिंदुओं की अद्यतन जानकारी निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्यालय में उपलब्ध कराएं। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि सभी सीएसी अपने संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) के माध्यम से लिखित प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें, जिसमें यह उल्लेख हो कि उनके संकुल क्षेत्र में अब किसी भी प्रकार के शौचालय की आवश्यकता शेष नहीं है।
बैठक में जिला पंचायत के बीवीजीरामजी प्रभारी अधिकारी रवि, बीईओ गौरेला उपेंद्र सिंह, बीईओ पेंड्रा आर.एन. चंद्रा, बीईओ मरवाही संजय वर्मा, उल्लास के नोडल अधिकारी संजय गुप्ता एवं आलोक शुक्ला, बीआरसी गौरेला संतोष सोनी, बीआरसी पेंड्रा सहित जिले के समस्त सीएसी उपस्थित रहे।
बैठक के माध्यम से स्कूलों में आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की स्थिति स्पष्ट करने, लंबित आवश्यकताओं की जानकारी जुटाने तथा अनुपयोगी शासकीय भवनों के समुचित उपयोग की दिशा में कार्यवाही को गति देने पर जोर दिया गया।















