LIVE UPDATE
झमाझम खबरेंट्रेंडिंगदुनियादेशप्रदेशराजनीतीरायपुर

पटवारियों की मनमानी पर चला प्रशासन का कार्यवाही! जोगी रवि कुजूर सहित तीन पटवारी निलंबित, नोटिस को भी किया नजरअंदाज

# पटवारियों की मनमानी पर चला प्रशासन का कार्यवाही! जोगी रवि कुजूर सहित तीन पटवारी निलंबित, नोटिस को भी किया नजरअंदाज

नोटिस जारी हुआ, ड्यूटी पर लौटने के निर्देश मिले, फिर भी नहीं माने आदेश! आखिरकार जिला प्रशासन ने लिया कड़ा एक्शन; महासमुंद, बलरामपुर और कोरबा के बाद अब जीपीएम में भी तीन पटवारियों पर गिरी निलंबन की गाज।

ये खबर भी पढ़ें…
FTO जनरेट, फिर भी भुगतान लंबित क्यों ! VB-G RAM-G के निर्माण कार्यों का भुक्तान 1-2 महीने से अटका, दीपावली से पहले भी नहीं मिली राहत..!
FTO जनरेट, फिर भी भुगतान लंबित क्यों ! VB-G RAM-G के निर्माण कार्यों का भुक्तान 1-2 महीने से अटका, दीपावली से पहले भी नहीं मिली राहत..!
November 6, 2026
FTO जनरेट, फिर भी भुगतान लंबित क्यों ! VB-G RAM-G के निर्माण कार्यों का भुक्तान 1-2 महीने से अटका, दीपावली...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

**गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।** छत्तीसगढ़ में पटवारियों की हड़ताल और शासकीय कार्यों में लापरवाही को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई तेज होती नजर आ रही है। अब गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भी जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए तीन पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इनमें जोगी रवि कुजूर का नाम भी शामिल है। कलेक्टर कार्यालय की भू-अभिलेख शाखा द्वारा जारी निलंबन आदेश के बाद राजस्व विभाग में हलचल मच गई है।

मामला केवल ड्यूटी से अनुपस्थित रहने तक सीमित नहीं बताया जा रहा है। संबंधित पटवारियों को पहले नोटिस जारी कर कर्तव्य पर लौटने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद ड्यूटी पर उपस्थित नहीं होने और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी का मामला सामने आया। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए तीनों पटवारियों को निलंबित कर दिया।

ये खबर भी पढ़ें…
लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ के नारे के साथ भाजपा की पदयात्रा, मनेंद्रगढ़ में उमड़ा कार्यकर्ताओं का हुजूम
लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ के नारे के साथ भाजपा की पदयात्रा, मनेंद्रगढ़ में उमड़ा कार्यकर्ताओं का हुजूम
November 6, 2026
लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ के नारे के साथ भाजपा की पदयात्रा, मनेंद्रगढ़ में उमड़ा कार्यकर्ताओं का हुजूम स्वास्थ्य मंत्री श्याम...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

नोटिस का भी नहीं हुआ असर, आखिरकार निलंबन!

प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बावजूद संबंधित पटवारियों के ड्यूटी पर नहीं लौटने को गंभीरता से लिया गया। सरकारी व्यवस्था में अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी और शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही को लेकर जिला प्रशासन ने अब कार्रवाई का रास्ता अपनाया है। इस घटनाक्रम ने यह संदेश दिया है कि विभागीय जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ने पर प्रशासनिक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

किसानों और आम जनता के कामों का क्या?

राजस्व विभाग सीधे किसानों और आम नागरिकों से जुड़ा हुआ है। नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, किसान पंजीयन, भूमि अभिलेखों का सत्यापन और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों के लिए लोगों को पटवारी कार्यालयों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में हड़ताल और कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण यदि कामकाज प्रभावित होता है तो सबसे ज्यादा परेशानी आम जनता और किसानों को उठानी पड़ती है।

किसानों को अपने ही जमीन संबंधी कामों के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। सवाल यह है कि सरकारी कामकाज प्रभावित होने की स्थिति में आम जनता की परेशानी की जिम्मेदारी कौन लेगा? प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि निलंबन की कार्रवाई के साथ-साथ प्रभावित राजस्व कार्यों को पूरा करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाए।

महासमुंद, बलरामपुर और कोरबा के बाद जीपीएम में भी एक्शन

गौरतलब है कि महासमुंद जिले में पांच पटवारियों को निलंबित किया गया था। बलरामपुर में भी पटवारियों के विरुद्ध कार्रवाई हुई, जबकि कोरबा में पटवारी संघ के जिला अध्यक्ष पर निलंबन की कार्रवाई की खबर सामने आई थी। अब जीपीएम जिले में तीन पटवारियों के निलंबन से प्रदेश में पटवारी हड़ताल और प्रशासनिक जवाबदेही का मुद्दा और गरमा गया है।

### अब आगे किसकी बारी?

तीन पटवारियों के निलंबन के बाद अब निगाहें विभागीय जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं। क्या प्रभावित राजस्व कार्यों की समीक्षा होगी? क्या लंबित प्रकरणों का निराकरण समय-सीमा में कराया जाएगा? और क्या प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि किसानों एवं आम नागरिकों को सरकारी कामकाज के लिए परेशान न होना पड़े?

जिला प्रशासन की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि नोटिस और निर्देशों की अनदेखी के मामले में सख्ती बरती जा सकती है। अब देखना होगा कि यह कार्रवाई राजस्व व्यवस्था में कितनी जवाबदेही सुनिश्चित कर पाती है और आम जनता को लंबित कार्योंसे कब राहत मिलती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!