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रभ्रष्टाचार की इंतहा, कागजों में लगाई स्ट्रीट लाइट और मरम्मत भी करा ली, गांव में तालाब ही नहीं और उसमें बनवा ली पचरी, ग्राम पंचायत चाकामार के सरपंच सचिव पर लाखों के भ्रष्टाचार का आरोप

रभ्रष्टाचार की इंतहा, कागजों में लगाई स्ट्रीट लाइट और मरम्मत भी करा ली, गांव में तालाब ही नहीं और उसमें बनवा ली पचरी, ग्राम पंचायत चाकामार के सरपंच सचिव पर लाखों के भ्रष्टाचार का आरोप

कोरबा/ जिले में भ्रष्टाचार के नित नए मामले सामने आ रहे हैं। ग्राम पंचायतों में विकास के लिए स्वीकृत फंड को सरपंच और सचिवों ने अपनी जेब भरने का जरिया बना लिया है। चाकामार में तो भ्रष्टाचार की अनोखी कहानी है। सरपंच सचिव ने भ्रष्टाचार करते हुए पहले तो कागजों में स्ट्रीट लाइट लगा दी, फिर स्ट्रीट लाइट मरम्मत के नाम पर भी राशि आहरण कर ली। इसी तरह गांव में तालाब ही नहीं और पचरी का निर्माण कागजों में कराते हुए शासकीय राशि की जमकर बंदरबांट कर ली गई है। मामले की शिकायत ग्रामीण गोविंद राम ने जनपद पंचायत कोरबा सीईओ से की है।शिकायत में कहा गया है कि 2023 में स्ट्रीट लाईट का योजना दिया गया था, जिसकी स्वीकृत राशि 1,57,896 रूपए थी। स्ट्रीट लाईट फिटिंग 49,900/- रुपये, स्ट्रीट लाईट मेंटेनेंस राशि 20,000 रुपये व स्ट्रीट लाईट वर्क, 1,00,000 रुपये स्वीकृत किया गया था। जिसे गबन कर लिया गया है, किन्तु अभी तक स्ट्रीट लाईट नहीं लगाया गया है। उसी प्रकार ग्राम पंचायत चाकामार में ही सुख सिंह घर से जवाहर घर तक नाली निर्माण हेतु स्वीकृत राशि 8लाख रुपये था, जिसमें से नाली निर्माण आधा-अधूरा किया गया है और उसे खुला छोड़ दिया गया है। जबकि उक्त नाली पैक होना था। इस तरह कार्य अधूरा ही छोड़ दिया गया है व स्वीकृत राशि गबन कर लिया गया।शिकायतकर्ता का कहना है कि ग्राम पंचायत चाकामार के द्वारा पंचायत मद की राशि का दुरुयोग करते हुए योजनाओं से संबंधित अधिकांश कार्य प्रारंभ किए बिना ही राशि का आहरण कर लिया गया है। जनपद पंचायत कोरबा के अंतर्गत ग्राम पंचायत चाकामार के सरपंच एवं सचिव के द्वारा मिलीभगत कर पंचायत निधि की राशि का दुरूपयोग किया जा रहा है। जो कार्य स्वीकृत हुआ है परंतु कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, उसका 2021-22 व 2022-23 का पैसा निकाल कर गबन किया गया है। जैसे स्ट्रीट लाईट, पचरी निर्माण, स्नानाघर, नाली निर्माण, भवन मरम्मत, मंगलू घर से मेन रोड़ तक सीसी रोड निर्माण अन्य कार्य जो स्वीकृत हुआ है परंतु कार्य प्रांरभ नहीं हुआ है उसकी राशि निकाल ली गई है और कार्य पूर्ण होना बताया जा रहा है। उसी प्रकार कुछ काम को आधा अधूरा कर छोड़ दिया गया है। पंचायत में सरपंच व सचिव के द्वारा खुलेआम भ्रष्टाचार किया जा रहा है किया जा रहा है। सरपंच और सचिव के खिलाफ जांच कार्यवाही करते गबन राशि की वसूली की मांग की गई है।

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