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✍️ Gaurela pendra Marwahi: मरवाही DFO रौनक गोयल पर कोर्ट के अवमानना का आरोप!

Gaurela pendra Marwahi: मामला मरवाही वनमण्डल का है चर्चित प्रकरण में पूर्व में तात्कालिक SDO पेंड्रा एवम प्रभारी DFO संजय त्रिपाठी और प्रभारी स्टेनो वायर लेस आपरेटर पुरषोत्तम कश्यप ने कूट रचना कर लिपिक गुर्जर को तात्कालिक वनमण्डलाधिकारी को कूटरचित जाँच प्रतिवेदन देकर बर्खास्त कराया गया था,, जिसमे कोर्ट एवम अपीलीय अधिकारी मुख्य वन संरक्षक बिलासपुर ने जाँच को नियम विरुद्ध मान DFO मरवाही दिनेश पटेल के बर्खास्तगी आदेश को शून्य कर पुनः सेवा में वापस लेने का आदेश पारित किया गया था !लिपिक द्वारा बताया गया कि संजय त्रिपाठी ने अपने ऊपर कार्यवाही के डर से अपना पूरा धन बल लगा तात्कालिक डीएफओ शशि कुमार से पुनः सेम शिकायत में विभागीय जांच का आदेश करा अपने करीबी SDO आर के सिदार से जांच प्रतिवेदन DFO मरवाही को प्रस्तुत कर पुनः बर्खास्त करवाने के उद्देश्य से पुनः वर्तमान डीएफओ से मिल बर्खास्त आदेश जारी करवाया गया

जबकि हाईकोर्ट बिलासपुर का उक्त प्रकरण में स्थगन हो चुका था उसके पश्चात भी डीएफओ रौनक गोयल हाईकोर्ट के स्थगन आदेश को दरकिनार कर बर्खास्तगी आदेश जारी कर दिया !

इससे प्रतीत होता है कि अधिकारीगिरी और तानाशाही

कितनी हावी है पीड़ित लिपिक ने कलेक्टर GPM और प्रधान मुख्य वन संरक्षक रायपुर एवम मुख्य वन संरक्षक बिलासपुर को पत्र लिख न्याय दिलाने का आवेदन दिया है, देखना दिलचस्प होगा कि हाईकोर्ट के स्थगन आदेश को माना जाता है या दरकिनार किया जाता है,

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