दिवाली आ रही है… सेहत के दुश्मन भी तैयार! नकली मिठाई से हो जाएं सावधान

मिथलेश आयम की रिपोर्ट, रायपुर(खबरो का राजा) :- त्योहारों का मौसम शुरू हो चुका है और बाजारों में रौनक लौट आई है। हर तरफ दीयों की चमक, रंग-बिरंगी झालरें और मिठाइयों की खुशबू से माहौल उत्सवमय हो गया है। लेकिन इस खुशियों के बीच एक बड़ी चिंता भी है — नकली और मिलावटी मिठाइयाँ, जो हमारी सेहत पर गंभीर असर डाल सकती हैं। दिवाली पर लोग एक-दूसरे को मिठाइयाँ बांटकर शुभकामनाएं देते हैं। यही वजह है कि हर साल इस समय मिठाइयों की मांग में कई गुना बढ़ोतरी होती है। इसी अवसर का फायदा उठाकर कुछ कारोबारी मुनाफा के लालच में मिलावटी और नकली मिठाइयों को बाजार में उतार देते हैं।
मिलावट के नए तरीके — दिखने में असली, असर में जानलेवा
खाद्य सुरक्षा विभाग की रिपोर्टों के अनुसार, दिवाली के दौरान मिलावट मिठाइयों में रंग और स्वाद बढ़ाने के लिए कृत्रिम रंग, सिंथेटिक फ्लेवर, कपड़े धोने वाला पाउडर, डिटर्जेंट, स्पिरिट, यूरिया और स्टार्च जैसी खतरनाक चीजें मिलाते हैं।
बर्फ़ी, रसगुल्ला, लड्डू और मिल्क केक जैसी दूध से बनी मिठाइयों में सिंथेटिक दूध और नकली मावा का उपयोग सबसे ज्यादा होता है। दिखने में ये मिठाइयाँ असली जैसी लगती हैं, लेकिन सेवन से पेट दर्द, उल्टी, दस्त, त्वचा की एलर्जी और यहाँ तक कि फूड पॉइज़निंग जैसी गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं।
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की सख्ती
जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग ने नकली मिठाइयों के विरुद्ध अभियान तेज कर दिया है।
त्योहार से पहले मिठाई दुकानों और डेयरियों में छापेमारी की जा रही है। कई स्थानों से सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी बताते हैं कि जो मिठाई अस्वच्छ वातावरण में तैयार की गई हो या जिसमें असामान्य चमक और रंग दिखे, उसे तुरंत शिकायत के साथ विभाग को सूचित करें।
त्योहार की खुशी में सेहत का ख्याल जरूरी
दिवाली खुशियों और मिठास का पर्व है, लेकिन इस खुशी में लापरवाही नुकसानदायक साबित हो सकती है। मिठाई खरीदने से पहले थोड़ा सतर्क रहना अपने परिवार की सेहत के लिए आवश्यक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी सलाह देते हैं कि मिठाई के बजाय घर पर बने पारंपरिक सूखे मेवे का उपयोग अधिक सुरक्षित विकल्प है। दिवाली के मौके पर प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि बाजार में मिलावटखोरी पर अंकुश लगाया जाए और उपभोक्ता जागरूक रहें।“त्योहार की असली मिठास सेहतमंद जिंदगी में है, नकली मिठाई में नहीं।”





