LIVE UPDATE
झमाझम खबरेंदुनियादेशप्रदेशराजनीतीरायपुर

मरवाही वनमंडल में कथित “जंगल राज” – स्थानीय बेरोजगारों की अनदेखी, नियमों को ताक पर रखकर हुई नियुक्तियाँ…?

मरवाही वनमंडल में कथित “जंगल राज” – स्थानीय बेरोजगारों की अनदेखी, नियमों को ताक पर रखकर हुई नियुक्तियाँ…?

जीपीएम_मरवाही वनमंडल एक बार फिर विवादों में है। आरोप है कि यहां नियमों को ताक पर रखकर वनकर्मियों एवं अधिकारियों ने अपने पुत्रों, रिश्तेदारों और करीबियों को दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी के रूप में नियुक्त कर दिया है। इस पूरे प्रकरण ने विभाग की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ये खबर भी पढ़ें…
आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण पर उठे सवाल, कहीं रेल लाइन के पार तो कहीं अधूरा पड़ा काम
आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण पर उठे सवाल, कहीं रेल लाइन के पार तो कहीं अधूरा पड़ा काम
September 11, 2026
आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण पर उठे सवाल, कहीं रेल लाइन के पार तो कहीं अधूरा पड़ा काम जीशान अंसारी की...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

सूत्रों के मुताबिक, वनमंडल के विभिन्न कार्यालयों—जैसे कि वन मंडल कार्यालय, एसडीओ कार्यालय, रेंज कार्यालय, बैरियर, नर्सरी और अन्य परिसरों में बड़ी संख्या में नए चेहरे कार्यरत दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि ये नियुक्त कर्मचारी रेगुलर नहीं हैं बल्कि ज्यादातर वनकर्मियों या पूर्व अधिकारियों के परिजन हैं।

जानकारी(सूत्रों) के अनुसार, वर्तमान समय में कम से कम 50 से अधिक दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी इस तरह से विभाग में कार्यरत हैं, जिन्हें बिना_ जिला प्रशासन , के स्वीकृति के रखा गया है। जबकि नियम स्पष्ट है कि किसी भी दैनिक वेतन भोगी की नियुक्ति से पहले जिला प्रशासन , से अनुमति लेना आवश्यक होता है।

ये खबर भी पढ़ें…
स्वच्छ भारत मिशन में ₹71,600 के भुगतान अंतर पर उठे सवाल
स्वच्छ भारत मिशन में ₹71,600 के भुगतान अंतर पर उठे सवाल
September 12, 2026
*स्वच्छ भारत मिशन में ₹71,600 के भुगतान अंतर पर उठे सवाल* जीशान अंसारी की कलम से,*12 हितग्राहियों को ₹12 हजार...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

इस कथित अनियमितता का मास्टरमाइंड विभाग का ही प्रभारी स्टेनो पुरुषोत्तम कश्यप बताए जा रहे हैं। आरोप है कि लेन-देन और निजी संबंधों के आधार पर उन्होंने अपने पुत्र प्रह्लाद यादव और साले को भी विभाग में कार्य दिलवा दिया।स्थानीय बेरोजगार युवाओं का कहना है कि उन्हें नौकरी से वंचित कर बाहरी लोगों और अधिकारियों के परिजनों को प्राथमिकता दी गई है। इससे न केवल क्षेत्रीय युवाओं में आक्रोश है बल्कि वन विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है।

कई सामाजिक संगठनों और युवाओं ने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस मामले पर कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में यह मामला विभाग और शासन के लिए बड़ी दिक्कत खड़ी कर सकता है।अब देखना होगा कि क्या शासन-प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर संज्ञान लेकर जांच करवाता है या मामला दबा दिया जाता है। सूत्रों के अनुसार मिली जानकारी….

ये खबर भी पढ़ें…
महा-परीक्षा की तैयारियों को लेकर साक्षरता मिशन की वेबिनार बैठक संपन्न
महा-परीक्षा की तैयारियों को लेकर साक्षरता मिशन की वेबिनार बैठक संपन्न
September 12, 2026
महा-परीक्षा की तैयारियों को लेकर साक्षरता मिशन की वेबिनार बैठक संपन्न 27 सितंबर को आयोजित होगी उल्लास कार्यक्रम की महा-परीक्षा,...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

Back to top button
error: Content is protected !!