
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 लागू करने सचिवों की कार्यशाला, घर-घर कचरा संग्रहण और स्वच्छता शुल्क पर जोर
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला पंचायत द्वारा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत एक दिवसीय उन्मुखीकरण एवं समीक्षा कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में जिले की 163 ग्राम पंचायतों के सचिवों को नए नियमों, उनकी जिम्मेदारियों और समयबद्ध क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।

बैठक में बताया गया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप 1 अप्रैल 2026 से देशभर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 लागू किए गए हैं। इन नियमों के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर कचरा संग्रहण, कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण तथा स्वच्छता शुल्क लागू करने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। सचिवों को घरों में निकलने वाले कचरे को चार श्रेणियों—गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष देखभाल वाले कचरे—में अलग-अलग संग्रहित करने की प्रक्रिया समझाई गई। साथ ही प्रत्येक ग्राम पंचायत में नियमित कचरा संग्रहण व्यवस्था विकसित करने और स्वच्छता शुल्क संग्रहण को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।
कार्यशाला में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लक्ष्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया। प्राथमिकता वाले ग्राम पंचायतों में 31 अक्टूबर 2026 तक तथा अन्य ग्राम पंचायतों में 31 मार्च 2027 तक आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा ग्रामीणों को स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने और प्रचार-प्रसार बढ़ाने पर भी बल दिया गया।

समीक्षा बैठक के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे ने ओडीएफ प्लस की स्थायित्व सुनिश्चित करने, व्यक्तिगत शौचालय निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा स्वीकृत निर्माण कार्यों को समय-सीमा में पूरा कर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी ग्राम पंचायत सचिवों से शासन की मंशा के अनुरूप स्वच्छ, स्वस्थ और आदर्श ग्रामों के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जिले की ग्राम पंचायतों के सचिव उपस्थित रहे।
















