
शिक्षा विभाग में 3.80 करोड़ का कथित खरीदी घोटाला! सीनियर ऑडिटर निलंबित, अब बड़े अफसरों पर कब गिरेगी गाज?”
सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में शिक्षा विभाग में करोड़ों रुपये के कथित खरीदी घोटाले की परतें खुलने लगी हैं। करीब 3 करोड़ 80 लाख 59 हजार 439 रुपये की अनियमित खरीदी के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ सीनियर ऑडिटर रोशन कुमार पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।


प्रारंभिक जांच में शिकायतें प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद हुई इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि वर्ष 2020 से 2022 के बीच जिम उपकरण, रसायनिक सामग्री, मध्यान्ह भोजन के बर्तन और अन्य शैक्षणिक सामग्री की करोड़ों रुपये की खरीदी बिना नियमानुसार टेंडर प्रक्रिया अपनाए की गई।


सबसे गंभीर आरोप यह है कि जिला शिक्षा अधिकारी के अधिकार क्षेत्र में होने वाली खरीदी के लिए सीनियर ऑडिटर द्वारा अपनी निजी आईडी से ई-मानक पोर्टल पर क्रय आदेश जारी किए गए, जिससे कथित रूप से चुनिंदा फर्मों को लाभ पहुंचाया गया। भाजपा मंडल अध्यक्षों की शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने जांच शुरू की और प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए।

जांच में यह भी सामने आया कि सेजेस विद्यालयों में खरीदी से पहले विद्यालय स्तरीय क्रय समिति की बैठक तक नहीं कराई गई। आरोप है कि प्राचार्यों पर दबाव बनाकर नोटशीट पर हस्ताक्षर कराए गए और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से खरीदी कर उसका भुगतान स्कूलों के माध्यम से कराया गया।
मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि विद्यालयों के मरम्मत कार्य के लिए जारी राशि में से करीब 1.49 लाख रुपये की किताबें खरीद ली गईं। यानी जिस राशि का उपयोग स्कूलों की मरम्मत के लिए होना था, उसे दूसरी मद में खर्च कर दिया गया।
फिलहाल निलंबित अधिकारी का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, मालखरौदा निर्धारित किया गया है। पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या कार्रवाई केवल एक अधिकारी तक सीमित रहेगी या इस कथित करोड़ों रुपये के खरीदी खेल में शामिल अन्य जिम्मेदार अधिकारियों पर भी गाज गिरेगी? जांच पूरी होने के बाद कई और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।















