न्योता के बहाने नाबालिग से दुष्कर्म की कोशिश, पीड़िता ने दांत से काटकर बचाई इज्जत

मिथलेश आयम, पेंड्रा : अपने परिचित की एक नाबालिग लड़की को गांव में आयोजित न्योता कार्यक्रम में ले जाने के बहाने रास्ते में उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश करने वाले आरोपी को विशेष अपर सत्र न्यायाधीश पेंड्रारोड की अदालत ने 7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। मामला गौरेला थाना क्षेत्र के एक गांव का है। घटना 25 सितंबर 2024 की है। आरोपी सेमलाल सरोता (उम्र 40 वर्ष से अधिक), निवासी उक्त गांव, ने अपने परिचित की 18 वर्ष से कम उम्र की नाबालिग लड़की को रात्रि करीब 7 बजे एक घर में न्योता कार्यक्रम में ले जाने की बात कहकर अपने साथ निकाला। रास्ते में उसने नाबालिग के साथ अश्लील हरकतें शुरू कर दीं और उसके कपड़े उतारकर दुष्कर्म का प्रयास किया। पीड़िता के विरोध और चिल्लाने पर आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी और किसी को बताने पर हत्या करने की बात कही। इस दौरान पीड़िता ने साहस दिखाते हुए आरोपी के हाथ को दांत से काट लिया और किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान और इज्जत बचाई। अगले दिन पीड़िता ने अपने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद गौरेला थाना में आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 8 सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी सेमलाल सरोता पूर्व में भी एक अन्य मामले में जेल जा चुका था और घटना से करीब चार–पांच महीने पहले ही जेल से रिहा हुआ था। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद विशेष अपर सत्र न्यायाधीश पेंड्रारोड ज्योति अग्रवाल ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 9(ढ) एवं धारा 10 के तहत 7 वर्ष के कठोर कारावास एवं ₹2000 के अर्थदंड से दंडित किया। साथ ही भारतीय न्याय संहिता की धारा 75 के तहत 2 वर्ष का कठोर कारावास तथा धारा 76 के तहत 5 वर्ष का कठोर कारावास एवं ₹2000 के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में आरोपी को 3 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। इस प्रकरण में शासन की ओर से विशेष अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह ने प्रभावी पैरवी की।





