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शिक्षा विभाग में लापरवाही का बड़ा खुलासा, 1 माह से शिक्षक स्कूल से गायब… अधिकारी बने मौन! 

शिक्षा विभाग में लापरवाही का बड़ा खुलासा, 1 माह से शिक्षक स्कूल से गायब… अधिकारी बने मौन ! 

गौरेला–पेंड्रा–मरवाही: मरवाही विकासखंड के शिक्षा तंत्र में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। मिडिल स्कूल रूमगा में पदस्थ विज्ञान विषय के शिक्षक मनीष लाँझेकर पिछले एक माह से विद्यालय से अनुपस्थित बताए जा रहे हैं। विद्यालय के प्रधान पाठक और विद्यार्थियों ने साफ कहा “शिक्षक पिछले 1 महीने से स्कूल नहीं आ रहे… हमारा कोर्स पूरा कैसे होगा?

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सबसे आश्चर्य की बात यह है कि लाँझेकर का संलग्नीकरण (अटैचमेंट) पहले ही समाप्त कर दिया गया, फिर भी वे प्रतिदिन जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय, गौरेला में ही बैठे नजर आते हैं। जबकि उस कार्यालय में उन्हें किसी प्रकार का प्रभार आवंटित नहीं किया गया है।

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 पहला मामला नहीं — कई बार हो चुकी शिकायतें !

विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब मनीष लाँझेकर पर ऐसे आरोप लगे हों। पहले भी कई बार शिकायतें विभाग तक पहुंच चुकी हैं कि वे विद्यालय में पढ़ाने के बजाय कार्यालयों में घूमते रहते हैं। इससे छात्र–छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और विभागीय नियमों की लगातार अवहेलना हो रही है।

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नियम क्या कहते हैं ?

शिक्षा विभाग के अनुसार—किसी भी कर्मचारी को यदि अतिरिक्त कार्य या प्रभार दिया जाता है तो वह अपने मूल विद्यालय के नियमित कार्य से अलग नहीं हो सकता।

ऐसे में बड़ा सवाल उठता है: !

 बिना प्रभार, बिना आदेश और बिना अनुमति मनीष लांझेकर DEO कार्यालय में समय क्यों बिता रहे हैं ? क्या उन्हें किसी अधिकारी का संरक्षण प्राप्त है ? पहले भी अन्य स्कूल रहा स्थिति,चिल्हनटोला स्कूल की हालत और खराब — 2 माह से एक भी शिक्षक नहीं ,मरवाही विकासखंड के शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय चिल्हनटोला में पिछले दो माह से एक भी शिक्षक उपस्थित नहीं था।और इससे भी चौंकाने वाली बात यह कि शिक्षा विभाग के किसी अधिकारी को इसकी जानकारी ही नहीं थी।

स्थानीय मीडिया में मामला उजागर होने के बाद विभाग सक्रिय हुआ। इसके बाद 12 नवंबर 2025 को DEO कार्यालय ने शिक्षक हेमंत कुमार (टूरीझिरिया) को तत्काल प्रभाव से चिल्हनटोला विद्यालय संचालन हेतु पदस्थ करने का आदेश जारी किया। अब उठ रहे बड़े सवाल — निरीक्षण तंत्र फेल या अधिकारियों की लापरवाही ? कौन होगा जिम्मेदार 2 माह तक रहा शिक्षक विहीन विद्यालय…?

जब दो महीने तक स्कूल पूरी तरह शिक्षक-विहीन रहा, तब DEO रजनीश तिवारी को इसकी जानकारी क्यों नहीं ? क्या विभाग का निरीक्षण तंत्र सिर्फ कागजों पर चल रहा है ?क्या ब्लॉक और जिला स्तरीय अधिकारी मैदानी स्तर पर निरीक्षण नहीं कर रहे? क्या कुछ शिक्षक व अधिकारी मिलकर शिक्षा व्यवस्था को मनमर्जी से चला रहे हैं?

स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि जिले में शिक्षकों की मनमानी और विभागीय लापरवाही ने बच्चों का भविष्य दांव पर लगा दिया है।

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